तलाक के 4 साल बाद समांथा पर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे नागा चैतन्य, AI के गंदे खेल और इस दावे पर जताई गहरी चिंता!

Entertainment News: साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नागा चैतन्य और उनकी पूर्व पत्नी समांथा रुथ प्रभु के तलाक को पूरे चार साल बीत चुके हैं। दोनों ही अपनी-अपनी निजी जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन अब इस मामले में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है।

तलाक के एक लंबे अरसे के बाद अभिनेता नागा चैतन्य अब समांथा रुथ प्रभु से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट और अपनी छवि को लेकर सीधे कोर्ट पहुंच गए हैं। एक्टर ने देश की राजधानी में स्थित दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मच गई है।

अभिनेता ने ऑनलाइन दुनिया में अपने नाम, तस्वीर और लाइक्नेस का बिना इजाजत इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अदालत से अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की मांग की है, ताकि उनकी छवि को सोशल मीडिया पर खराब होने से बचाया जा सके।

अश्लील AI कंटेंट और डीपफेक वीडियो पर जताई गहरी चिंता

नागा चैतन्य की लीगल टीम ने इंटरनेट पर मौजूद अश्लील एआई-जनरेटेड (AI-generated) कंटेंट, छेड़छाड़ किए गए भ्रामक वीडियो और उनके निजी जीवन से जुड़ी खबरों को लेकर गहरी चिंता जताई है। एक्टर की टीम ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए बड़ा दावा किया है।

अदालत में कहा गया कि अभिनेता के नाम, इमेज और लाइक्नेस का गलत तरीके से व्यावसायिक और सार्वजनिक इस्तेमाल हो रहा है। खासतौर पर एआई जनरेटेड पोर्नोग्राफिक कंटेंट, डीपफेक वीडियो और समांथा के साथ उनके संबंधों को लेकर फैलाए जा रहे फर्जी और मानहानिकारक कंटेंट पर तुरंत रोक लगाई जाए।

नागा चैतन्य के वकील वैभव गग्गर ने माननीय अदालत को बताया कि एआई-जनरेटेड और डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किए गए कई वीडियो में चैतन्य को गलत तरीके से बेहद आपत्तिजनक स्थितियों में दिखाया गया है। ये वीडियो इंटरनेट पर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

‘धोखा दिया और करियर बर्बाद किया’ जैसे दावों पर आपत्ति

वरिष्ठ वकील ने कोर्ट का ध्यान विशेष रूप से उस ऑनलाइन कंटेंट की ओर आकर्षित किया, जिसमें उनकी एक्स वाइफ समांथा रुथ प्रभु का नाम शामिल है। इन वायरल कंटेंट में लगातार ऐसे झूठे दावे किए जा रहे थे कि नागा चैतन्य ने समांथा को धोखा दिया और उनका पूरा करियर बर्बाद कर दिया।

नागा चैतन्य के एडवोकेट ने कोर्ट में अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “ये पूरी तरह से ट्रोलिंग है, इसे किसी भी तरह से फेयर क्रिटिसिज्म यानी निष्पक्ष आलोचना नहीं कहा जा सकता है।” इस गंभीर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने भी अपनी टिप्पणी दर्ज कराई है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- जांच-परख की भी एक सीमा होती है

जस्टिस ज्योति सिंह ने मामले की सुनवाई के दौरान बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सच है कि पब्लिक फिगर्स को सार्वजनिक जीवन में जांच-परख का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसकी भी एक तय सीमा होती है। किसी की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस पूरे संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। इसके साथ ही कोर्ट ने अभिनेता के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित करने का भी साफ इशारा किया है, जिससे सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट पर लगाम लग सकती है।

Author: Manisha Thakur

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