Technology News: हेडफोन पर मोबाइल कनेक्ट करके गाने सुनने हों या फिर कार में फोन को कनेक्ट करना हो, एक से दूसरे डिवाइस को जोड़ने वाली इस जादुई तकनीक का नाम ब्लूटूथ है। आज ब्लूटूथ का इस्तेमाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है।
हम सब हर दिन ब्लूटूथ का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं होगी कि आखिर यह अजीब सा नाम कहां से आया? दरअसल, इसके पीछे 10वीं शताब्दी के एक प्रतापी और क्रूर राजा की बेहद दिलचस्प कहानी छिपी हुई है।
आज स्मार्टफोन से लेकर वायरलेस हेडफोन और अन्य गैजेट्स तक, हम सब वायर्ड टेक्नोलॉजी की जकड़ से पूरी तरह आजाद हो चुके हैं। इस आजादी के लिए हम पूरी तरह ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी पर ही निर्भर हैं, जिसने पूरी दुनिया में डेटा ट्रांसफर को बेहद आसान बना दिया है।
जानिए क्या था उस अजीब राजा का नाम
इस वायरलेस तकनीक का नाम 10वीं सदी के स्कैंडिनेवियन राजा के नाम पर रखा गया है, जो नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क क्षेत्र से आते थे। हेराल्ड ब्लूटूथ गोर्मसन (Harald Blatand Gormsson) एक खतरनाक वाइकिंग राजा थे, जिन्होंने साल 958 से 985 तक राज किया था।
वाइकिंग राजा हेराल्ड के नाम इतिहास में कई बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबियां दर्ज हैं। लेकिन उनकी सबसे बड़ी कामयाबी यह मानी जाती है कि उन्होंने अपनी सूझबूझ और ताकत के बल पर डेनमार्क और नॉर्वे को एक साम्राज्य के रूप में एकजुट कर दिया था।
सड़े हुए दांत से पड़ा तकनीक का नाम
राजा गोर्मसन को उनके एक मरे हुए दांत (Dead Tooth) के लिए भी विशेष रूप से जाना जाता था। उनके उस खराब दांत का रंग बहुत गहरा नीला और ग्रे हो गया था। यह दांत इतना मशहूर था कि उनका निकनेम ‘ब्लातंड’ रख दिया गया था।
इस ऐतिहासिक डेनिश शब्द ‘ब्लातंड’ का अंग्रेजी में सीधा मतलब होता है ब्लूटूथ (Bluetooth)। कुल मिलाकर यह राजा इतिहास में दो चीजों के लिए प्रसिद्ध था, पहला डेनमार्क-नॉर्वे को एक करना और दूसरा उनका गहरा नीला दांत, जहां से यह नाम निकला।
साल 1996 में किसने दिया था यह नाम?
साल 1996 में जब इस नई वायरलेस शॉर्ट-रेंज तकनीक को विकसित करने पर काम चल रहा था, तब दिग्गज टेक कंपनी इंटेल के एक प्रतिनिधि जिम कार्दच (Jim Kardash) ने सबसे पहले आधिकारिक तौर पर इस अनोखे नाम का सुझाव दिया था।
जिम कार्दच का तर्क था कि जिस तरह राजा हेराल्ड ने स्कैंडिनेविया को एक करने का काम किया था, ठीक उसी तरह इस नई वायरलेस तकनीक का मुख्य मकसद भी पर्सनल कंप्यूटर (PC) और सेल्युलर फोन इंडस्ट्री को एक साथ कनेक्ट करना है।
Author: Mohit

