Bhopal News: मॉडल-एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच ने बड़ी गति पकड़ ली है। दिल्ली एम्स के चार सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंच चुकी है, जहां आज त्विषा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के तहत वीडियोग्राफी की निगरानी में पूरी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट में इस केस को ‘संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं’ के तहत दर्ज किया गया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और अन्य जजों की पीठ सोमवार, 25 मई को इस गंभीर मामले पर सुनवाई करेगी। यह कदम मामले की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एफआईआर और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
त्विषा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में मिला था। शादी के कुछ महीने बाद ही हुई इस घटना के बाद, पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी पति समर्थ सिंह, जो 10 दिन तक फरार थे, ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया और अब वे पुलिस रिमांड पर हैं।
वहीं, आरोपी सास गिरिबाला सिंह का पक्ष है कि पुलिस ने अभी तक उनसे पूछताछ के लिए संपर्क नहीं किया है। हाई-प्रोफाइल मामले के कारण अब मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने भी जल्द से जल्द सीबीआई जांच शुरू करने की मांग दोहराई है।
न्यायिक निगरानी में जांच
दिल्ली एम्स के निदेशक को इस पूरे पोस्टमार्टम प्रक्रिया की सीधी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल की स्थानीय अदालत के आदेश के बाद हुई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मेडिकल रिपोर्ट में कोई संदेह न रहे और जांच की दिशा सही बनी रहे।
आरोपी पक्ष ने रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद फिर से जमानत की अर्जी लगाने की योजना बनाई है। फिलहाल सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की सोमवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। यह मामला दहेज उत्पीड़न और संस्थागत जवाबदेही के बड़े सवालों को लेकर पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
Author: Manoj Patnaik


