Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मऊआइमा थाना क्षेत्र के गदाईपुर ओवरब्रिज के पास छह महीने पहले मिले एक युवक के शव के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस की साधारण एक्सीडेंट थ्योरी को खारिज करते हुए मृतक की पत्नी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
विशेष सीजीएम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद पुलिस ने कटर प्लांट मालिक और मृतक के तीन दोस्तों सहित कुल चार लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की है। इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
मजदूरी दिलाने के बहाने घर से ले गए थे दोस्त
नैनी थाना क्षेत्र के महेवा पूरा पट्टी निवासी उर्मिला देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति फूलचंद्र को आगामी 2 नवंबर को गांव के ही कासिम, सोनू और मोनू मऊआइमा स्थित हर्षवर्धन जायसवाल के कटर प्लांट में काम दिलाने ले गए थे।
आरोपियों ने फूलचंद्र को 1200 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी का लालच दिया था। पीड़िता का आरोप है कि 14 नवंबर को कासिम ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि फूलचंद्र की मौत हो चुकी है। उनका शव गदाईपुर पुल के नीचे मिला था, जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
बकाया पैसे मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
पति की मौत के बाद जब उर्मिला ने कासिम, सोनू और मोनू से मौत का कारण पूछा, तो वे लगातार गोलमोल जवाब देने लगे। शक बढ़ने पर पीड़िता ने आरोपियों से अपने दिवंगत पति की बकाया मजदूरी के पैसे मांगे। इस बात पर मुख्य आरोपी कासिम अचानक आगबबूला हो गया।
आरोपी कासिम ने उर्मिला के साथ न सिर्फ सरेआम गाली-गलौज की, बल्कि दोबारा पैसे मांगने या पुलिस स्टेशन जाने पर जान से मारने की सीधी धमकी भी दी। स्थानीय पुलिस द्वारा कोई सुनवाई न होने पर आखिरकार लाचार पीड़िता ने न्याय के लिए सीधे कोर्ट की शरण ली।
अदालत के निर्देश पर मऊआइमा पुलिस ने कासिम, सोनू, मोनू और प्लांट संचालक हर्षवर्धन जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस टीम साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।
Author: Ajay Mishra


