Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान बारिश के बावजूद मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य की 1,189 पंचायतों के 6,615 वार्डों में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार अंतिम चरण में पहले दो चरणों की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिससे चुनावी माहौल और भी रोचक हो गया है।
तीसरे चरण के मतदान के साथ ही प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई। अब सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और मतदाताओं की नजर मतगणना और परिणामों पर टिकी हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि सभी जिलों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
चार घंटे में मतदान ने पकड़ी तेज रफ्तार
सुबह 11 बजे तक करीब 42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पहले चार घंटों में लगभग 6.34 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान केंद्रों पर महिलाओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली, हालांकि शुरुआती आंकड़ों में पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत महिलाओं से थोड़ा अधिक दर्ज किया गया।
सुबह सात बजे से नौ बजे तक कुल 19.41 प्रतिशत मतदान हुआ। पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 21.08 और महिला मतदाताओं का 17.70 प्रतिशत दर्ज किया गया। पंचायत चुनाव के इस चरण में मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, जिससे लोगों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी स्पष्ट नजर आई।
बड़े नेताओं और परिवारों ने डाला वोट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विजयपुर पंचायत में अपने परिवार के साथ मतदान किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले के सराज क्षेत्र की मुरहाग पंचायत के आहुण मतदान केंद्र पर वोट डाला। उनकी 86 वर्षीय माता ब्रिकु देवी ने भी लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर लोगों को प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसार देई ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ के भवड़ां मतदान केंद्र में मतदान किया। यह केंद्र विशेष रूप से पिंक बूथ के रूप में विकसित किया गया था। यहां मतदान प्रक्रिया का संचालन केवल महिला अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों द्वारा किया गया।
सिरमौर सबसे आगे, कई जिलों में लंबी कतारें
जिला स्तर पर मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में सिरमौर 23.78 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा। कुल्लू, शिमला और किन्नौर में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। राज्य के सबसे बड़े जिले कांगड़ा सहित कई क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें दिखाई दीं।
मंडी जिले के कोटली क्षेत्र में कई मतदाता छोटे बच्चों को साथ लेकर मतदान केंद्र पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया। दूरदराज और जनजातीय इलाकों में भी मतदान प्रक्रिया बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी रही, जिससे प्रशासन की तैयारियों की सराहना हो रही है।
ऊना में बिजली बाधित, मोबाइल रोशनी बनी सहारा
जिला ऊना के कुछ मतदान केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से मतदान कर्मियों और मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। अम्बोटा क्षेत्र के एक केंद्र में मतदान शुरू होने के समय बिजली नहीं थी। ऐसे में कर्मचारियों ने मोबाइल फोन की रोशनी का उपयोग कर मतदान प्रक्रिया को जारी रखा।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों सहित पूरे प्रदेश में मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित होती रही।
Author: Sunita Gupta

