Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन में सुबह नौ बजे मतगणना शुरू हो गई। नगर निगमों के साथ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नतीजों पर भी नजर है। मंडी से आए शुरुआती परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
राज्य में नगर निगम चुनावों की गिनती के साथ ग्रामीण निकायों के परिणाम भी सामने आने लगे हैं। 250 जिला परिषद सदस्यों और 1,769 में से 1,684 पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना जारी है। कई सीटों पर मुकाबला करीबी माना जा रहा है। इसलिए हर नए राउंड पर राजनीतिक दलों की नजर टिकी है।
मंडी में शुरुआती नतीजों से बढ़ा सस्पेंस
मंडी नगर निगम के वार्ड नंबर पांच मंगवाई से भाजपा उम्मीदवार कृष्णा ठाकुर ने जीत दर्ज की है। इस सीट के नतीजे ने भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया है। वहीं, कुछ बड़े नामों की हार ने मुकाबले को और रोचक बना दिया। शुरुआती परिणामों से साफ है कि कई वार्डों में स्थानीय समीकरण भारी पड़े हैं।
मंडी में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रणबीर सिंह को हार का सामना करना पड़ा है। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के भतीजे परवीन ठाकुर भी चुनाव नहीं जीत सके। इन परिणामों ने सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। बड़े चेहरों की हार को स्थानीय नाराजगी और वार्ड स्तर की रणनीति से जोड़ा जा रहा है।
नगर निगम मंडी के खलियार वार्ड से कांग्रेस की असंतुष्ट उम्मीदवार अलकनंदा हांडा विजयी रही हैं। यह परिणाम कांग्रेस के लिए भी संदेश लेकर आया है। पार्टी के भीतर टिकट और स्थानीय नेतृत्व पर बहस तेज हो सकती है। असंतुष्ट चेहरे की जीत ने संगठन की पकड़ पर नए सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने वार्ड चार में दर्ज की जीत
मंडी के वार्ड नंबर चार से कांग्रेस उम्मीदवार नर्मदा मोहन ने 127 मतों से जीत हासिल की है। यह जीत कांग्रेस के लिए राहत की खबर है। शुरुआती रुझानों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को अलग-अलग वार्डों में सफलता मिल रही है। इससे नगर निगम में बहुमत की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला परिषद सदस्य की गिनती के लिए 15 से 20 टेबल लगाई गई हैं। एक वार्ड की मतगणना में करीब 35 अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। प्रशासन ने हर राउंड की गिनती पारदर्शी तरीके से पूरी कराने पर जोर दिया है।
लाहुल-स्पीति के एक जिला परिषद क्षेत्र में किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। स्थानीय स्तर पर विरोध के चलते वहां चुनावी प्रक्रिया प्रभावित रही। यह मामला अब अलग चर्चा का विषय बन गया है। बाकी क्षेत्रों में मतगणना चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है और परिणाम लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।
धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन के नगर निगम परिणामों को प्रदेश की सियासत के लिए अहम माना जा रहा है। इन चुनावों से शहरी मतदाताओं के मूड का संकेत मिलेगा। पंचायत समिति और जिला परिषद के नतीजे ग्रामीण इलाकों की राजनीतिक दिशा को समझने में मदद करेंगे।
Author: Sunita Gupta

