नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में रफ्तार का कहर, बेसमेंट पार्किंग में मां-बेटी को रौंदा, दिल दहला देने वाला वीडियो!

Noida News: नोएडा के सेक्टर 79 स्थित महागुन मिराविला सोसाइटी की बेसमेंट पार्किंग में रविवार रात एक बेहद खौफनाक हादसा हुआ। एक रईस कारोबारी ने अपनी तेज रफ्तार होंडा अमेज कार से वहां से गुजर रही एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला और उसकी पांच साल की मासूम बेटी को बुरी तरह रौंद दिया।

कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह मां-बेटी को कुचलते हुए करीब 10 मीटर दूर जाकर रुकी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में महिला कार के नीचे ही फंसी रह गई, जबकि उसकी छोटी बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। गनीमत रही कि पीड़ित महिला के पति और बड़ी बेटी इस हादसे में बाल-बाल बच गए।

चार मिनट तक कार के नीचे फंसी रही महिला

सोसाइटी के बेसमेंट वन की पार्किंग में अरुण शर्मा अपनी पत्नी कितिका और दो बेटियों के साथ गाड़ी से सामान उतार रहे थे। अरुण और कितिका दोनों नोएडा की एक नामी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। तभी अचानक दिल्ली नंबर की एक बेकाबू कार ने उनकी पत्नी और छोटी बेटी आयरा को चपेट में ले लिया।

कार का अगला पहिया कितिका की पसलियों को कुचलते हुए ऊपर से गुजर गया। अरुण ने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया और किसी तरह बेटी को बाहर निकाला। बाद में जुटे स्थानीय लोगों ने मिलकर पूरी कार को ऊपर उठाया और करीब चार मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद कितिका को नीचे से बाहर निकाला गया।

आपरेशन के बाद हालत गंभीर, पसली और कॉलर बोन टूटी

हादसे के तुरंत बाद दोनों घायलों को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। मासूम आयरा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, लेकिन कितिका की हालत गंभीर बनी हुई है। उनकी पसलियों में तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है, सिर में गंभीर चोटें आई हैं और कॉलर बोन भी पूरी तरह टूट गई है।

कार के नीचे फंसे रहने और इंजन की तेज हीट के कारण महिला का पेट भी बुरी तरह जल गया है। मंगलवार को डॉक्टरों ने उनके कंधे और पसली का बड़ा ऑपरेशन किया है। लोगों ने आरोपी ड्राइवर अनिल के नशे में होने का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस की मेडिकल जांच में शराब की पुष्टि नहीं हुई है।

नियमों को हवा में उड़ाकर 40 की स्पीड में दौड़ाई कार

सोसाइटी की बेसमेंट पार्किंग के घुमावदार मोड़ों पर गाड़ियों की रफ्तार सीमा अधिकतम 10 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। लेकिन आरोपी कारोबारी अनिल अपनी कार को करीब 40 की रफ्तार से दौड़ा रहा था। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि अगर मोड़ पर अंधा मोड़ सूचक शीशा लगा होता तो यह हादसा रुक सकता था।

थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी कारोबारी को हिरासत में ले लिया गया है। नोएडा की हाईराइज सोसायटियों में कार बैक करने या तेज रफ्तार के कारण पहले भी कई मासूम बच्चों और बुजुर्गों की जान जा चुकी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

Author: Gaurav Malhotra

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