Varanasi News: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने बनारस में ड्रग्स तस्करी के एक बड़े इंटरनेशनल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने रविवार को रोहनिया इलाके में मौजूद टीसीआई एक्सप्रेस कूरियर कंपनी के वेयरहाउस पर अचानक छापा मारा। वहां टीम ने असम से मंगाया गया भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया।
कूरियर कंपनी के गोदाम में सिल्क साड़ी की आड़ में ड्रग्स का धंधा
सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कई दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि असम राज्य से कूरियर के जरिए बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की खेप पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में भेजी जा रही है। इसके बाद इंस्पेक्टर अनिल कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरी तरह से पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही इस गोदाम में रेड की कार्रवाई की।
जांच के दौरान टीम को सिल्क साड़ी की बुकिंग वाले कुल 24 पैकेट्स मिले। जब इन डिब्बों को खोला गया तो अधिकारी भी दंग रह गए। हर पैकेट के अंदर पांच किलोग्राम गांजा बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी प्रेम चंद्र मौर्य को गिरफ्तार किया है, जो आजमगढ़ के जहानागंज का रहने वाला है।
असम के बड़े सप्लायर से सीधे जुड़े हैं कूरियर कंपनी के तार
एसटीएफ के एएसपी विनोद सिंह ने बताया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड असम के उदलगुड़ी जिले का रहने वाला बबरू वर्मन है। वह गुवाहाटी के अपने साथी बबलू को नशीले पदार्थ सप्लाई करता था। इसके बाद बबलू कूरियर कंपनी के लोकल मैनेजर के साथ मिलकर अवैध माल को सीधे वाराणसी के पते पर डिलीवर करवा देता था।
पकड़े गए तस्कर प्रेम चंद्र मौर्य ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह इस माल को मऊ के एक लोकल डीलर के माध्यम से छोटे फुटकर विक्रेताओं तक पहुंचाता था। असम का मुख्य डीलर पहले ही 3,800 रुपये प्रति किलो के हिसाब से ऑनलाइन पेमेंट ले लेता था। यह गैंग पहले भी सात बार ऐसी बड़ी खेप खपा चुका है।
Author: Ajay Mishra


