म्यांमार के सबसे बड़े ‘ड्रग लॉर्ड’ का दिल्ली में अंत! ₹115 करोड़ की तस्करी और हवाला नेटवर्क का एनसीबी ने किया पर्दाफाश

Delhi News: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। एनसीबी की विशेष टीम ने देश की राजधानी नई दिल्ली से म्यांमार के कुख्यात ड्रग सप्लायर थानसिनतुआंग उर्फ चिनतुआंग को गिरफ्तार कर लिया है।

पकड़ा गया शातिर तस्कर चिनतुआंग इस साल एनसीबी के हत्थे चढ़ने वाला म्यांमार का दूसरा सबसे बड़ा ड्रग माफिया है। केंद्रीय एजेंसी को यह बड़ी कामयाबी महीनों की कड़ी निगरानी, खुफिया जानकारी, सटीक अंतरराज्यीय समन्वय और भारत-म्यांमार सीमा पर चले निरंतर अभियानों के बाद हाथ लगी है।

एनसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक चिनतुआंग सीमा पार से भारत में मेथम्फेटामाइन और हेरोइन जैसी बेहद महंगी नशीली दवाओं की आपूर्ति करने वाला मुख्य अंतरराष्ट्रीय सरगना था। वह मिजोरम, मणिपुर, असम और त्रिपुरा के दुर्गम रास्तों से पूरे भारत और बांग्लादेश में नशे का काला कारोबार चला रहा था।

दर्जनों मामलों में था वांछित, ईडी करेगी ₹100 करोड़ के हवाला की जांच

यह अंतरराष्ट्रीय तस्कर देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और राज्यों की पुलिस के कई गंभीर मामलों में लंबे समय से वांछित चल रहा था। चिनतुआंग पर मिजोरम पुलिस द्वारा साल 2025 में ड्रग्स तस्करी के दो बड़े मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा वह आबकारी विभाग के भी छह मामलों में मुख्य आरोपी था।

एनसीबी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट करीब 115 करोड़ रुपये के अवैध मादक पदार्थों की सीधी तस्करी में शामिल था। साल 2024 और 2025 में एनसीबी के अगरतला जोन ने भारी मात्रा में मेथम्फेटामाइन टैबलेट और किलो के हिसाब से शुद्ध हेरोइन जब्त की थी, जिसका असली मालिक चिनतुआंग ही था।

इस खूंखार नेटवर्क की गहराई से जांच करने पर लगभग 100 करोड़ रुपये के अवैध हवाला लेन-देन (Hawala Transaction) का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस वित्तीय गड़बड़ी के सामने आने के बाद एनसीबी ने आगे की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंप दी है, जबकि तस्करी से कमाई गई सभी संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है।

Author: Raj Thakur

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