दियोटसिद्ध मंदिर में शर्मनाक कांड: सोते हुए श्रद्धालुओं को लूट रहे थे रक्षक, भीड़ ने खंभे से बांधकर पीटा

Himachal Pradesh News: हमीरपुर जिले के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां व्यवस्था संभालने के लिए रखे गए मंदिर न्यास के अस्थायी कर्मचारियों ने ही रविवार तड़के श्रद्धालुओं के साथ बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला।

विश्राम हॉल में सोते समय उड़ा रहे थे माल

कपूरथला से करीब 700 श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था बाबा जी के दरबार में माथा टेकने पहुंचा हुआ था। यह जत्था वहां लंगर की व्यवस्था संभाल रहा था। शनिवार रात सभी श्रद्धालु विश्राम हॉल में सो रहे थे कि तभी सुबह करीब तीन बजे तीन शातिर चोर वहां घुस आए।

तीनों आरोपी सोए हुए श्रद्धालुओं के मोबाइल, नकदी और कीमती गहने चुपके से चुराने लगे। इसी बीच कुछ श्रद्धालुओं की अचानक आंख खुल गई। उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों संदिग्धों को मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया और उनकी जमकर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से चोरी का काफी सामान तुरंत बरामद हो गया। हालांकि कुछ सामान का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे विश्राम हॉल के भीतर अचानक भारी हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंदिर न्यास के अस्थायी कर्मियों और सफाई कर्मचारी के रूप में हुई। इससे गुस्साए श्रद्धालुओं का पारा चढ़ गया। उन्होंने तीनों आरोपियों को हॉल के पिल्लरों से रस्सी के सहारे बांध दिया और उनकी जमकर धुनाई कर दी।

सोशल मीडिया पर बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल

इस पूरे ड्रामे और मारपीट का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भीड़ आरोपियों को बुरी तरह पीट रही है। साथ ही उनके पास से लूटे गए गहने, नकदी और मोबाइल वापस लेती दिख रही है।

घटना की भनक लगते ही बाबा बालक नाथ न्यास की सुरक्षा में तैनात निजी सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों को उग्र भीड़ से बचाया। सुरक्षा कर्मियों ने तीनों को अपने कब्जे में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तीनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि श्रद्धालु लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं, तो भी मंदिर प्रशासन को अपने स्तर पर इनके खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए।

चैत्र मेलों के दौरान मंदिर में करीब 150 अस्थायी कर्मचारी रखे जाते हैं। इनमें से 100 कर्मचारियों की ड्यूटी 13 मार्च से 13 अप्रैल तक होती है। बाकी 50 कर्मचारियों की सेवाएं 13 मार्च से 30 जून तक लंगर और सफाई व्यवस्था में ली जाती हैं।

आरोपी बर्खास्त, पुलिस को लिखित शिकायत का इंतजार

मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मंदिर अधिकारी सुभाष मल्होत्रा ने बताया कि उक्त तीनों दागी आरोपियों को मंदिर के पदों से तुरंत हटा दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी स्तर पर सबसे कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

दूसरी तरफ डीएसपी बड़सर लालमन शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि अभी तक पुलिस के पास इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक या आधिकारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है।

Author: Raj Thakur

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