Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस की कथित पिटाई से एक व्यक्ति की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। इस गंभीर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रेवती थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इससे पहले आरोपी सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस ने इस पूरे मामले में सब-इंस्पेक्टर, कांस्टेबल और ग्राम प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी राज केशर सिंह को लापरवाही और अक्षमता के कारण पुलिस लाइन भेजा गया है। आरोपी सब-इंस्पेक्टर सचिन सरोज और कांस्टेबल अंकित सिंह सस्पेंड हैं।
जिलाधिकारी से मजिस्ट्रेटी जांच कराने का अनुरोध
पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील सिंह ने रविवार को घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि इस संवेदनशील मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस लाइन के पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है। इसके साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जिलाधिकारी से लिखित अनुरोध किया जा रहा है।
बैरिया के पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक गुप्ता के अनुसार, मृतक के बेटे विशाल गोंड की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में सब-इंस्पेक्टर सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, सूरज कन्नौजिया, उसके एक रिश्तेदार और प्रधान के ड्राइवर मनीष यादव को नामजद कर हत्या का केस दर्ज हुआ है।
शिकायत के मुताबिक, 7 जुलाई की शाम को विशाल गोंड का मांस की दुकान पर विवाद हुआ था। इसके बाद 8 जुलाई को पुलिसकर्मी विशाल के घर पहुंचे और उसके 42 वर्षीय पिता कामजी गोंड को जबरन थाने ले गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने विशाल को बुलाने के लिए उसके पिता के साथ मारपीट की।
इसके बाद ग्राम प्रधान और उसका ड्राइवर कामजी गोंड को एक ईंट-भट्ठे पर ले गए। वहां उनकी दोबारा बेरहमी से पिटाई की गई और बेहोशी की हालत में बगीचे में छोड़ दिया गया। वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान 10 जुलाई की रात कामजी की मौत हो गई, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

