Dehradun News: उत्तराखंड में निहंग सिखों से जुड़े हालिया विवाद के बीच उत्तराखंड क्रांति दल के नेता आशीष नेगी कानूनी संकट में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा साझा किए गए एक बयान के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इस मामले में पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
आशीष नेगी ने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने कुछ ऐतिहासिक घटनाओं का संदर्भ देते हुए टिप्पणियां की थीं। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि इन टिप्पणियों से उनके पूरे समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
विवादित बयान के बाद सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत
सिख समाज का कहना है कि सार्वजनिक मंचों से बोलते समय नेताओं को पूर्ण संयम बरतना चाहिए। इस मामले को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। कानून व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक एफआईआर की कॉपी को सार्वजनिक नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों की टीम जल्द ही आरोपी नेता से इस मामले में पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
प्रशासन ने की सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की अपील
दूसरी तरफ, आशीष नेगी के समर्थकों का दावा है कि उनके बयान को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर खुद आशीष नेगी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय से इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर रख रहा है।
उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से निहंग सिखों से जुड़ा मुद्दा बेहद संवेदनशील बना हुआ है। सरकारी अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी भड़काऊ सामग्री पोस्ट न करें। किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

