Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कांगड़ा की स्पेशल टास्क फोर्स ने जाल बिछाकर तीन तस्करों को दबोचा। आरोपियों के पास से एक किलोग्राम से अधिक चिट्टा बरामद हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस नशीले पदार्थ की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। राज्य के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती मानी जा रही है।
सफेद कार से शुरू हुआ पुलिस का ऑपरेशन
शनिवार रात करीब दस बजकर पचास मिनट पर एएसपी रेनू कुमारी अपनी टीम के साथ गश्त कर रही थीं। उन्हें मुखबिर से सफेद कार में नशीला पदार्थ होने की गुप्त सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत संतोषगढ़ के शिव मंदिर के पास कड़ी नाकाबंदी कर दी। टाहलीवाल की तरफ से आ रही संदिग्ध कार को रोका गया। कार की डिक्की की गहन तलाशी लेने पर पुलिस को पंद्रह पॉलीथीन पैकेट मिले। इनमें छिपाकर रखा गया एक किलोग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, वाहन भी किया जब्त
पुलिस ने मौके पर ही डिजिटल तराजू से नशे की खेप का वजन किया। इसका कुल वजन 1.005 किलोग्राम निकला। इस गंभीर मामले में ऊना निवासी गुरमुख सिंह, रमन कुमार और सर्वजीत सिंह को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब पुलिस आरोपियों का नेटवर्क खंगाल रही है।
नशे के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति
हिमाचल पुलिस अब नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की सख्त नीति अपना रही है। एएसपी रेनू कुमारी ने स्पष्ट किया कि इस संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य पूरे ड्रग्स सिंडिकेट और सप्लाई चेन का भंडाफोड़ करना है। यह राज्य में नशे के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
राज्य में पहले भी पकड़ी गई हैं बड़ी खेप
प्रदेश में इससे पहले भी नशे की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। इसी साल चौबीस मार्च को शिमला में पुलिस ने 288 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। पिछले साल सितंबर में बिलासपुर पुलिस ने बहोल टोल प्लाजा के पास 518 ग्राम चिट्टे के साथ दो लोगों को पकड़ा था। हाल ही में तीस अप्रैल को कांगड़ा में एक नाबालिग को भी नशे के साथ हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई नशा माफियाओं पर भारी पड़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां
इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ का मिलना किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संकेत देता है। स्थानीय पुलिस के साथ अन्य खुफिया एजेंसियां भी अब सक्रिय हो गई हैं। ड्रग्स की कीमत करोड़ों में होने के कारण इसके पीछे बड़े तस्करों का हाथ होने की पूरी संभावना है। प्रशासन लगातार युवाओं को इस जहर से बचाने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। ऊना में हुई इस बड़ी कार्रवाई से ड्रग्स माफियाओं में दहशत का माहौल बन गया है।

