Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए सभी सरकारी नौकरियों में नियुक्ति से पहले ड्रग टेस्ट अनिवार्य करने का फैसला लिया है। यह जांच अब मेडिकल परीक्षण का हिस्सा होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को जल्द दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव तय
शुक्रवार को प्रशासनिक सचिवों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में प्रवेश से पहले प्रत्येक चयनित अभ्यर्थी का ड्रग टेस्ट कराया जाएगा। कार्मिक विभाग को इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन तैयार कर सभी विभागों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था को जल्द लागू किया जा सके।
राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। हाल के वर्षों में चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए सरकार प्रशासनिक स्तर पर सख्त रुख अपना रही है। इसी रणनीति के तहत भर्ती प्रक्रिया में भी यह नया प्रावधान जोड़ा जा रहा है।
नशा तस्करी मामलों में कर्मचारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान उन सरकारी कर्मचारियों के मामलों की भी समीक्षा की, जो नशा तस्करी या चिट्टे से जुड़े मामलों में पकड़े गए हैं। सरकार पहले ही पुलिस कर्मियों समेत 37 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर चुकी है। इसके अलावा कई अन्य मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों को बताया गया कि लगभग 92 कर्मचारियों के मामलों में अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। जिन विभागों ने अब तक आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं की है, उन्हें शीघ्र प्रक्रिया पूरी कर सरकार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
खाली पदों की जानकारी जल्द मांगी गई
बैठक में भर्ती निदेशालय के कामकाज की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशासनिक सचिवों को अपने-अपने विभागों में रिक्त पदों का पूरा ब्यौरा कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से कार्यात्मक और आवश्यक पदों की अलग सूची तैयार करने को कहा गया है।
सरकार इन रिक्तियों का आकलन करने के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतिम फैसला करेगी। माना जा रहा है कि जून में चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद राज्य सरकार नई भर्तियों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है। इससे लंबे समय से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
क्लास फोर पेंशनरों को मिला एरियर भुगतान
राज्य सरकार ने क्लास-फोर पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनधारकों के लंबित संशोधित पेंशन एरियर के भुगतान के लिए 110 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में मेमोरेंडम जारी कर ट्रेजरी अधिकारियों और विभिन्न विभागों के डीडीओ को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार पहले भी लंबित पेंशन एरियर के मामलों को प्राथमिकता देने की बात कह चुकी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को लंबित बिल समय पर ट्रेजरी में भेजने और भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए थे। अब जारी राशि से हजारों पेंशनरों को सीधे लाभ मिलने की संभावना है।
Author: Sunita Gupta

