Delhi News: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के बीच नया मोड़ आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी आगामी 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी कर रही है। सरकार परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रही है।
इस बड़े फैसले पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने सरकार की इस नई कवायद को भ्रष्टाचार, अयोग्यता और प्रशासनिक नाकामी का सबसे बड़ा सबूत करार देते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर साधा तीखा निशाना
इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि अब नीट परीक्षा के पेपर्स को वायुसेना के लड़ाकू विमानों से ले जाया जाएगा। आप सरकार के भ्रष्टाचार और तंत्र की नाकामी के स्तर की खुद ही कल्पना कर सकते हैं।
उन्होंने अपने बयान में आगे लिखा कि जब तक समाज में नफरत, लिंचिंग और लोगों के गुस्से को भड़काने वाले मुद्दे चलते रहेंगे, तब तक आम जनता इन बुनियादी खामियों पर खुश रहेगी। विपक्ष लगातार इस परीक्षा के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई उच्च स्तरीय बैठक
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए। मंत्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर मंथन किया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने सुझाव दिया कि लीक की घटनाओं को रोकने के लिए गोपनीय प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए वायुसेना के विशेष विमानों का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे गोपनीय सामग्री पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजा गया अंतिम प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, वायुसेना की मदद लेने के इस संवेदनशील विकल्प पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। इस पूरे प्रस्ताव की फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष विचारार्थ भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री स्वयं इस परीक्षा की तैयारियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब गत 3 मई को देश-विदेश के सैकड़ों केंद्रों पर आयोजित परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। गड़बड़ी सामने आने के बाद एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर 21 जून की नई तारीख घोषित की थी।
Author: Harikarishan Sharma

