Delhi News: भारतीय क्रिप्टो निवेशकों के लिए सोमवार को एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में से एक, कॉइनबेस (Coinbase) ने आधिकारिक तौर पर भारत में अपनी सीधी सेवाएं शुरू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
इस बड़े लॉन्च के बाद अब भारतीय रिटेलर्स को क्रिप्टोकरेंसी खरीदने या बेचने के लिए किसी तीसरे पक्ष यानी थर्ड पार्टी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कंपनी ने सीधे भारतीय रुपये (INR) का सपोर्ट सिस्टम लाइव कर दिया है, जिससे अब बिना किसी रुकावट के सीधे बैंक खातों से लेनदेन किया जा सकेगा।
अब तक भारतीय यूजर्स को क्रिप्टो बाजारों में ट्रेडिंग करने के लिए पीयर-टू-पीयर (P2P) के बेहद घुमावदार और जोखिम भरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता था। कॉइनबेस की इस सीधी एंट्री से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि निवेशकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।
IMPS से सीधे जमा और निकासी की सुविधा
कॉइनबेस ने भारतीय बैंकिंग सिस्टम को मजबूत सपोर्ट देने के लिए आईएमपीएस (IMPS) सर्विस को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है। इसके जरिए ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त देरी के सीधे अपने बैंक खातों से रुपये डिपॉजिट कर सकेंगे और ट्रेडिंग के बाद मुनाफा सीधे अपने बैंक में विथड्रॉ भी कर पाएंगे।
इस प्लेटफॉर्म पर अब ग्राहकों को कई प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में स्पॉट ट्रेडिंग करने के साथ-साथ ‘परपेचुअल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स’ में भी ट्रेड करने का शानदार मौका मिलेगा। भारतीय यूजर्स को बेहतरीन लिक्विडिटी यानी फंड की तरलता देने के लिए कॉइनबेस ने विशेष रूप से लोकल INR ऑर्डर बुक्स तैयार की हैं।
FIU के साथ रजिस्ट्रेशन और टैक्स नियमों का पालन
भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बने कड़े कानूनी नियमों पर कंपनी ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। कॉइनबेस ने बताया कि वह भारत की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) के साथ पूरी तरह रजिस्टर्ड है। कंपनी देश के सभी नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत ही अपनी सेवाएं दे रही है।
इसके साथ ही कंपनी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर लागू होने वाले टीडीएस (TDS) समेत सभी भारतीय टैक्स कानूनों का कड़ाई से पालन कर रही है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि वे भारत के विशाल बाजार में एक बहुत ही लंबी अवधि के विजन के साथ उतरे हैं।
भारतीय डेवलपर कम्युनिटी में बड़ा निवेश
ग्लोबल एक्सचेंज कॉइनबेस के लिए भारत का बाजार बिल्कुल नया नहीं है। कंपनी पहले ही भारत के प्रमुख घरेलू क्रिप्टो एक्सचेंज ‘कॉइनडीसीएक्स’ (CoinDCX) में बड़ा निवेश कर चुकी है। इसके अलावा उसने अपने ‘बेस एथेरियम लेयर 2 नेटवर्क’ के जरिए भारतीय डेवलपर कम्युनिटी में भारी निवेश किया है।
कंपनी अब तक भारतीय तकनीकी डेवलपर्स के लिए 10 लाख डॉलर से अधिक की फंडिंग जारी कर चुकी है। अनुभवी और प्रोफेशनल ट्रेडर्स के लिए प्लेटफॉर्म ‘कॉइनबेस एडवांस’ पेश किया जा रहा है। इसमें एडवांस्ड चार्टिंग टूल्स मिलेंगे और सबसे खास बात यह है कि INR डिपॉजिट पर कोई फीस नहीं लगेगी।
Author: Rajesh Kumar

