Business News: देश में लगातार बढ़ रही महंगाई की मार के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देशवासियों को एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर दी है। रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में एक बार फिर बड़ी मजबूती दर्ज की गई है।
आरबीआई गवर्नर ने दी विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने की जानकारी
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश के मजबूत होते आर्थिक मोर्चे की आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 28 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 93.8 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 682.32 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
इससे ठीक एक सप्ताह पहले देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। तब यह करीब 7.51 अरब डॉलर घटकर 681.38 अरब डॉलर पर आ गया था। इस साल फरवरी के अंत में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
रुपये पर दबाव और वैश्विक तनाव के बाद भी सुधार
पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई थी। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर भी भारी दबाव देखा जा रहा था। इन विपरीत परिस्थितियों के कारण ही लगातार कई हफ्तों तक देश के भंडार में गिरावट आई थी।
केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस ताजा तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) में हुआ शानदार इजाफा है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.12 अरब डॉलर बढ़कर 546.15 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गईं।
क्या होती हैं विदेशी मुद्रा आस्तियां और गोल्ड रिजर्व का हाल?
विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) असल में किसी भी देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। इनमें अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी दुनिया की अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल की जाती हैं, जिनके मूल्य में बदलाव का असर पड़ता है।
दूसरी तरफ, इस समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के गोल्ड रिजर्व (स्वर्ण भंडार) में थोड़ी कमी देखने को मिली है। भारत का गोल्ड रिजर्व 2.18 अरब डॉलर घटकर 112.6 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास मौजूद विशेष आहरण अधिकार (SDR) 18.75 अरब डॉलर पर पूरी तरह स्थिर रहे।
इसी के साथ आईएमएफ (IMF) में भारत की आरक्षित स्थिति भी 80 लाख डॉलर की मामूली बढ़त के साथ अब 4.82 अरब डॉलर हो गई है। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी मुद्रा भंडार में आया यह उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक और मजबूती देने वाला संकेत है।
Author: Rajesh Kumar


