New Delhi News: टेलीकॉम दिग्गज वोडाफोन आइडिया (Vi) ने तकनीकी दुनिया में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है. कंपनी ने ‘साइलेंट मोबाइल वेरिफिकेशन’ (SMV) नाम के एक नए नेटवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम को लॉन्च करने के लिए सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) के साथ हाथ मिलाया है.
इस नए और बेहद आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल का मुख्य मकसद मेटा के लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे कि इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक पर ऑनबोर्डिंग (लॉगिन) प्रोसेस को पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और पूरी तरह सुरक्षित बनाना है, जो डिजिटल सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाएगा.
खत्म हो जाएगा ओटीपी और पासवर्ड का झंझट
इस नेटवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से पासवर्ड-लेस लॉगिन को सपोर्ट करती है. इस तकनीक के लाइव होने के बाद यूजर्स को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स में लॉग इन करने के लिए बार-बार ओटीपी (OTP) रिक्वेस्ट करने या पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं होगी.
वोडाफोन आइडिया का दावा है कि यह नई तकनीक ऑनलाइन होने वाले फिशिंग अटैक्स और सिम स्वैप जैसे डिजिटल आइडेंटिटी रिस्क से ग्राहकों को बेहतर प्रोटेक्शन देगी. जल्द ही देश भर के वीआई (Vi) सब्सक्राइबर्स सिर्फ अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम में आसानी से लॉग इन कर पाएंगे.
जानिए बैकग्राउंड में कैसे काम करेगी यह तकनीक
इस तकनीक के तहत जब आप लॉगिन करेंगे, तो मेटा के सोशल मीडिया ऐप्स वीआई के सेल्युलर नेटवर्क पर एक गुप्त वेरिफिकेशन सिग्नल भेजेंगे. नेटवर्क इस सिग्नल के जरिए यूजर की ऑथेंटिसिटी को बैकग्राउंड में ही वेरिफाई कर लेगा. एक बार नेटवर्क से हरी झंडी मिलते ही यूजर बिना किसी क्रेडेंशियल के सीधे ऐप में पहुंच जाएगा.
हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने साफ किया है कि अगर सेल्युलर नेटवर्क किसी वजह से नंबर को वेरिफाई नहीं कर पाता है, तो वह यूजर को ऐप का एक्सेस देने से तुरंत मना कर देगा. इससे किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए आपके सोशल मीडिया अकाउंट में सेंध लगाना नामुमकिन हो जाएगा.
फास्ट-ट्रैक होगी अकाउंट रिकवरी की प्रक्रिया
कंपनी के अनुसार, साइलेंट मोबाइल वेरिफिकेशन सिस्टम प्लेटफॉर्म पर नए यूजर्स के रजिस्ट्रेशन, मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन, लॉगिन और री-लॉगिन प्रोसेस को पूरी तरह फास्ट-ट्रैक कर देगा. इसके अलावा अकाउंट रिकवरी और कड़े सिक्योरिटी चेक के दौरान भी यह ऑथेंटिकेशन को बेहद तेज और आसान बना देगा.
यह पूरा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल बिना यूजर को परेशान किए फोन के बैकग्राउंड में काम करता है. इससे वीआई सब्सक्राइबर्स को ऑथेंटिकेशन के लिए बार-बार अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच करने या टेक्स्ट मैसेज (SMS) का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि पूरी रिक्वेस्ट सीधे टेलीकॉम नेटवर्क से वैलिडेट होगी.
फिशिंग और साइबर फ्रॉड पर लगेगी लगाम
वोडाफोन आइडिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि यह सिस्टम फिशिंग और साइबर फ्रॉड के खिलाफ एक मजबूत ढाल की तरह काम करेगा. चूंकि इसमें कोई भी कोड या पासवर्ड स्क्रीन पर नहीं आता है, इसलिए इसे हैक करना या चुराना लगभग नामुमकिन है, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
इसके साथ ही वीआई ने यह महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है कि आने वाले समय में इस साइलेंट मोबाइल वेरिफिकेशन (SMV) तकनीक को और ज्यादा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, बैंकिंग ऐप्स और पार्टनर थर्ड-पार्टी ऐप्स पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है, ताकि इंटरनेट सर्फिंग को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके.
Author: Mohit


