सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बुरी खबर! अचानक औंधे मुंह गिरे भाव, जानें क्यों मची है बाजार में यह हाहाकार?

Business News: शुक्रवार का दिन सोने और चांदी के निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा झटका लेकर आया। कमोडिटी बाजार में अचानक भारी बिकवाली से दोनों कीमती धातुओं के दाम औंधे मुंह गिर गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट से निवेशक सहम गए हैं।

एमसीएक्स पर सोने और चांदी के ताजा रेट

रात आठ बजे के करीब एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने का भाव बुरी तरह टूट गया। इसमें करीब 4297 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह 2.69 फीसदी टूटकर 1,55,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दिनभर में इसने 1,55,245 रुपये का सबसे निचला स्तर भी छुआ।

चांदी के निवेशकों का हाल तो और भी बुरा रहा। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में लगभग 5.93 फीसदी की भयंकर गिरावट देखी गई। यह 15696 रुपये टूटकर 2,49,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी। इस दौरान चांदी ने 2,48,909 रुपये का अपना सबसे निचला स्तर छुआ।

अमेरिकी डेटा से मचा सर्राफा बाजार में हड़कंप

इस अचानक आई गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका से आए नए आंकड़े हैं। मई महीने में अमेरिका में नए रोजगार की संख्या 1 लाख 72 हजार तक बढ़ गई। बाजार के जानकारों को सिर्फ 85 हजार नई नौकरियों के जुड़ने की ही उम्मीद थी। यह आंकड़ा अनुमान से बहुत ज्यादा रहा।

मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कारण फेडरल रिजर्व अब ब्याज दरों में जल्दी कटौती नहीं करेगा। डॉलर के मजबूत होने और ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद ने निवेशकों की धारणा बदल दी। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से अपना पैसा तेजी से निकालना शुरू कर दिया।

विशेषज्ञों की राय और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.4 के पास बहुत मजबूत बना हुआ है। इसके कारण बुलियन मार्केट की चमक काफी फीकी पड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव है। डेटा आने के बाद कॉमेक्स पर सोना 124 डॉलर से ज्यादा टूटकर 4380 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति तय करेगी। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी महंगाई की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। रिजर्व बैंक ने भी आगामी वित्त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है।

वैश्विक बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का असर आम आदमी पर भी पड़ सकता है। क्रूड ऑयल महंगा होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी आने की पूरी आशंका है। इस स्थिति ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार में अस्थिरता का माहौल है।

Author: Rajesh Kumar

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories