Delhi News: भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों के कारण श्रीलंका ने यह बड़ा फैसला लिया है। ईंधन की ये नई कीमतें आधी रात से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं।
श्रीलंका की सरकारी तेल कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) ने शनिवार को इन नई कीमतों की घोषणा की। पिछले तीन महीनों के भीतर ईंधन की दरों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने वैश्विक तनाव को देखते हुए जनता से ईंधन की खपत कम करने की अपील की है।
सीपीसी की प्रेस रिलीज के अनुसार, देश में पेट्रोल की कीमतों में 5.85 प्रतिशत और डीजल में 3.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद अब श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत 24 श्रीलंकाई रुपये बढ़कर 434 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 410 रुपये थी।
डीजल और केरोसिन के दाम भी आसमान पर
इस नए संशोधन के बाद श्रीलंका में डीजल की कीमत में 15 श्रीलंकाई रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के साथ ही अब डीजल की नई कीमत 407 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। ये नई कीमतें द्वीपीय देश भर में सीपीसी के सभी फिलिंग स्टेशनों पर तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
आम जनता के इस्तेमाल में आने वाले मिट्टी के तेल (केरोसिन) की कीमतों में भी भारी इजाफा किया गया है। केरोसिन के दाम में 20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी कीमत 265 रुपये से बढ़कर 285 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस बढ़ोतरी से आम जनता पर बोझ बढ़ेगा।
तीन महीने में पांचवीं बार बढ़े दाम, डॉलर के मुकाबले गिरा रुपया
श्रीलंका में 1 मार्च से 31 मई के बीच ईंधन की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इनमें से तीन संशोधन तो सिर्फ 1 मार्च से 22 मार्च के बीच ही किए गए थे। फरवरी के अंत में जो पेट्रोल 293 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 434 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।
श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के मुताबिक, मई महीने से श्रीलंकाई रुपये का मूल्य डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रहा है। शीर्ष बैंक ने बताया कि चालू वर्ष में अब तक रुपये का मूल्य 5 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है। हालांकि शनिवार को इसमें मामूली मजबूती देखी गई, लेकिन महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
Author: Rajesh Kumar

