Business News: भारतीय कॉर्पोरेट जगत के मशहूर बैंकर उदय कोटक ने देश की सभी बड़ी कंपनियों को एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। उनका साफ मानना है कि अब आईपीएल (IPL) पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसलिए सभी को अपना पूरा ध्यान तुरंत बिजनेस और एआई (AI) तकनीक पर लगाना चाहिए।
उदय कोटक ने चिंता जताई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भारी कमी के कारण भारतीय शेयर बाजार वैश्विक रेस में पिछड़ रहा है। विदेशी निवेशकों की लगातार हो रही निकासी ने देश के सामने एक नई आर्थिक चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में यह चेतावनी भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा वेक-अप कॉल है।
एआई रेस में ताइवान और दक्षिण कोरिया ने भारत को पछाड़ा
वैश्विक बाजार में जहां एक तरफ भारतीय शेयर बाजार लगातार संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भारी निवेश की बदौलत ताइवान के शेयर बाजार में 58 फीसदी की शानदार तेजी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में भी 88 फीसदी की भारी बढ़त देखने को मिली है। एआई शेयरों में आई इस तूफानी तेजी के कारण इन दोनों देशों ने इक्विटी वैल्यू के मामले में भारत को काफी पीछे छोड़ दिया है, जो देश के लिए बेहद गंभीर विषय है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल भारतीय शेयर बाजार में करीब 8 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है। साल के शुरुआती पांच महीनों में ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार से 24 अरब डॉलर यानी करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम वापस निकाल ली है।
गौरतलब है कि पिछले साल भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 18.9 अरब डॉलर की बड़ी बिकवाली की थी। निवेशकों के इस लगातार बदलते रुख के कारण जो भारत कुछ समय पहले तक निवेश के लिए दुनिया की पहली पसंद था, अब पिछड़ता नजर आ रहा है।
गूगल का विशाल फंड रेजिंग प्लान और कमाई का नया रिकॉर्ड
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 80 बिलियन डॉलर यानी करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये का भारी फंड जुटा रही है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इस समय 4.342 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की तीसरी मूल्यवान कंपनी है।
उदय कोटक ने बताया कि गूगल ने पिछली तिमाही में ही 62 अरब डॉलर का शुद्ध मुनाफा कमाया है। यह विशाल मुनाफा भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के कुल प्रॉफिट के लगभग बराबर बैठता है। इसीलिए भारत को भी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए एआई में तुरंत निवेश बढ़ाना होगा।
Author: Rajesh Kumar


