आसमान छूती महंगाई के बीच 21 जून से शुरू हो रहा शादियों का सीजन, बजट बिगड़ने से फूले आम आदमी के हाथ-पांव

Uttar Pradesh News: देश में आगामी 21 जून से शहनाइयों की गूंज के साथ शादियों का व्यस्त सीजन शुरू होने जा रहा है। जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के शुरुआती पखवाड़े में कई शुभ मुहूर्त हैं। इससे कपड़ा, आभूषण और टेंट व्यवसाय के बाजार में भारी रौनक लौटने लगी है।

हालांकि इस बार शादियों की खुशी पर बढ़ती महंगाई का ग्रहण साफ दिखाई दे रहा है। सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर पर हैं। वहीं ईंधन और गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम जनता परेशान है। इस कारण विवाह वाले परिवारों का पूरा वित्तीय बजट बुरी तरह चरमरा गया है।

जून और जुलाई के शुभ मुहूर्त में बुक हुए मैरिज हॉल

पंचांग के अनुसार आगामी जून महीने में 21 से 27 और 29 तारीख को विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। इसके बाद जुलाई में 1, 6, 7, 11 और 12 तारीख को लग्न निर्धारित हैं। इसके बाद चातुर्मास शुरू होने से मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह विराम लग जाएगा।

कम समय होने के कारण लोगों ने शहर के अधिकांश गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल पहले ही बुक कर लिए हैं। कई परिवारों को मनपसंद तारीख न मिलने पर दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक इस बार शादियों की संख्या तो रिकॉर्ड तोड़ रहेगी।

सोने और चांदी की कीमतों ने बढ़ाई सबसे बड़ी आफत

भारतीय परंपरा में गहनों की खरीदारी सबसे बड़ा वित्तीय खर्च मानी जाती है। सराफा बाजार में इन दिनों 24 कैरेट सोना 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वहीं 22 कैरेट सोना 1.40 लाख रुपये और चांदी 1 लाख रुपये प्रति किलो पार कर चुकी है।

इस अप्रत्याशित उछाल से मध्यमवर्गीय परिवारों का आभूषण बजट कई लाख रुपये तक बढ़ गया है। शोरूम पर ग्राहकों की भीड़ तो है, लेकिन लोग भारी आभूषणों के बजाय हल्के डिजाइन पसंद कर रहे हैं। पुराने सोने को बदलकर नए गहने लेने का चलन काफी बढ़ा है।

ईंधन महंगा होने से वाहनों का किराया भी हुआ दोगुना

विवाह समारोह में बारात की गाड़ियों और मेहमानों के लिए वाहनों की आवाजाही सबसे जरूरी हिस्सा होती है। पिछले दिनों पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सात से आठ रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। इसका सीधा असर अब ट्रांसपोर्टेशन उद्योग पर दिख रहा है।

ट्रैवल एजेंसियों ने गाड़ियों का दैनिक किराया 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है। माल ढुलाई महंगी होने से टेंट और कैटरिंग का सामान लाने का खर्च भी बढ़ गया है। इस कारण लड़की और लड़का दोनों पक्षों का लॉजिस्टिक्स बजट अनियंत्रित हो चुका है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम से कैटरिंग का मेन्यू बिगड़ा

शादियों में स्वादिष्ट भोजन का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार रसोई गैस की कीमतों ने कैटरर्स का गणित बिगाड़ दिया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर 29 रुपये महंगा होकर 940 रुपये के पार है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर 3100 रुपये के आसपास बिक रहा है।

सब्जियां, दूध, पनीर और घी की बढ़ती कीमतों के बीच महंगे सिलेंडर ने आग में घी का काम किया है। लागत बढ़ने से कैटरिंग संचालकों ने प्रति प्लेट की दरें बढ़ा दी हैं। कई परिवार अब खर्च घटाने के लिए मुख्य भोजन सूची में कटौती कर रहे हैं।

मैरिज लॉन और डेकोरेशन सेवा प्रदाताओं ने बढ़ाए दाम

बिजली दरों, कर्मचारियों के वेतन और जनरेटर संचालन की लागत बढ़ने से गेस्ट हाउस संचालकों ने भी अपने रेट कार्ड बदल दिए हैं। पिछले साल की तुलना में मैरिज लॉन का किराया 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इससे बुकिंग महंगी हो गई है।

इसके साथ ही लाइटिंग, फ्लॉवर डेकोरेशन और डीजे जैसे इवेंट मैनेजमेंट कार्यों में भी भारी महंगाई देखी जा रही है। टेंट व्यापारियों का कहना है कि मजदूरी और कच्चे माल की कीमत बढ़ने से सामान्य सजावट का पैकेज भी अब काफी महंगा हो गया है।

लागत बढ़ने के बावजूद हर हाल में होगी शादियों की रस्म

इस चौतरफा महंगाई के बावजूद शादियों के उत्साह में कोई बड़ी कमी आने के आसार नहीं हैं। विवाह एक ऐसा सामाजिक दायित्व है, जिसे भारतीय परिवार अपनी जमापूंजी लगाकर भी पूरा करते हैं। लोग अब फिजूलखर्ची रोककर केवल जरूरी रस्मों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

आने वाले तीन हफ्ते पूरे बाजार के व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सर्राफा कारोबारी रुचिन श्रीवास्तव के मुताबिक लोग अब दैनिक उपयोग वाले हल्के डिजाइनों की मांग कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित बालकृष्णन ने बताया कि जुलाई मध्य तक लगन बहुत मजबूत हैं।

Author: Ajay Mishra

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories