International News: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ आया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उनकी मुलाकात ईरान के शीर्ष नेताओं से होगी। पूरी दुनिया की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं। यह बातचीत युद्धविराम को स्थायी बना सकती है और वैश्विक तेल बाजार पर असर डाल सकती है।
ईरान की पसंद बने जेडी वेंस, क्यों उन्हें चुना गया?
रॉयटर्स के अनुसार, जेडी वेंस को इन वार्ताओं के लिए खास तौर पर चुना गया है। ईरानी नेतृत्व के एक वर्ग ने उन्हें बातचीत के लिए स्वीकार्य माना है। ईरान में वेंस को अमेरिकी प्रशासन का सबसे ‘युद्ध विरोधी’ चेहरा माना जाता है। तेहरान को लगता है कि वह बातचीत के लिए सबसे उपयुक्त प्रतिनिधि हैं। वेंस युद्ध खत्म करने के पक्ष में रहे हैं और अपने प्रशासन की नीतियों के आलोचक भी रहे हैं।
ईरानी संसद अध्यक्ष और विदेश मंत्री से होगी उच्च स्तरीय बैठक
जेडी वेंस जल्द ही ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात करेंगे। यह 1979 के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सबसे उच्च स्तर की आमने-सामने की बातचीत होगी। इस दौरान विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर भी मौजूद रहेंगे। हालांकि, इन दोनों को लेकर ईरान में भरोसे की कमी है। पिछली वार्ताओं के टूटने के लिए उन्हें जिम्मेदार माना जाता है।
हैंडशेक पर संशय, लेकिन बातचीत पर दांव
दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को देखते हुए यह साफ नहीं है कि नेता आपस में हाथ मिलाएंगे या नहीं। हालांकि, बातचीत के दौरान तनाव को बढ़ाने से बचा जाएगा। यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था पर काफी महंगा साबित हुआ है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में सत्ता और बातचीत की क्षमता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिख रही है। जेडी वेंस के पास राजनीतिक प्रभाव है, जो इस तरह की वार्ताओं के लिए अहम है।
नाजुक युद्धविराम के बीच शांति की उम्मीद
यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब मध्य पूर्व में दो सप्ताह का नाजुक युद्धविराम लागू है। यह शांति का एक दुर्लभ मौका माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह वार्ता सफल होती है, तो जेडी वेंस की लोकप्रियता में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्हें 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के संभावित दावेदारों में भी देखा जा रहा है। पूरी दुनिया अब इस ऐतिहासिक कूटनीतिक प्रयास के नतीजे का इंतजार कर रही है।


