Global Defense News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर बहुत बड़ी और खुली धमकी दी है। इस बार उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी है। ट्रंप के इस नए बयान के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा काफी बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ईरान के लिए अब समय बहुत तेजी से निकल रहा है। उन्हें बहुत जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना होगा। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो उनके पास भविष्य में कुछ भी नहीं बचेगा। इस समय समय की कीमत सबसे ज्यादा है।
चीन दौरे की विफलता के बाद ट्रंप का फूटा गुस्सा
राजनयिक सूत्रों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप का यह तीखा बयान ऐसे नाजुक समय पर आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति हाल ही में अपने चीन दौरे से बिना किसी ठोस नतीजे के बेहद बेआबरू होकर स्वदेश लौटे हैं।
चीन में ट्रंप को ईरान के संवेदनशील मुद्दे पर उम्मीद के मुताबिक कोई बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल नहीं हो सकी। इसी विफलता के बाद वह एक बार फिर सीधे ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की लगातार चेतावनियां दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत इस समय पूरी तरह बंद है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परमाणु कार्यक्रम, कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर दोनों पक्षों के बीच गहरा गतिरोध बना हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह नई विवादित टिप्पणी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ लंबी फोन वार्ता के तुरंत बाद सार्वजनिक की है।
वैश्विक मामलों के जानकारों का मानना है कि व्हाइट हाउस इस समय ईरान पर चौतरफा दबाव बढ़ाने की एक नई और आक्रामक रणनीति अपना रहा है। ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई इस बातचीत के तुरंत बाद इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने बेहद करीबी मंत्रियों के साथ एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक भी की।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग खोलने पर अड़ा अमेरिका
दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच भयंकर जंग को पूरी तरह रोकने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही थी। लेकिन ईरान ने शांति के लिए जो कड़ी शर्तें रखी हैं, उन्हें मानने को अमेरिका बिल्कुल तैयार नहीं है। अमेरिका का मुख्य जोर इस बात पर है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम तुरंत बंद करे।
इसके साथ ही वॉशिंगटन लगातार यह दबाव बना रहा है कि ईरान सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को सामान्य करे। इस मार्ग के बंद होने से दुनिया भर के व्यापार और तेल आपूर्ति पर बहुत बुरा और विनाशकारी असर पड़ रहा है।
दूसरी तरफ ईरान ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। तेहरान ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों का आवागमन केवल तभी फिर से शुरू हो सकता है, जब अमेरिका और इज़राइल के साथ उसका चल रहा सैन्य संघर्ष हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ ने इस संबंध में देश के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन का एक बड़ा बयान जारी किया है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा कि एक बार जब मौजूदा असुरक्षा की स्थिति पूरी तरह समाप्त हो जाएगी, तो होर्मुज में वैश्विक शिपिंग की स्थितियां खुद सामान्य हो जाएंगी।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से लागू हुआ था युद्धविराम
हालांकि दोनों ही शक्तिशाली पक्ष अपने बड़े मतभेदों को सुलझाने या शांति का कोई नया रास्ता खोजने के करीब अभी तक नहीं पहुंचे हैं। मालूम हो कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच भीषण जमीनी युद्ध इसी साल 28 फरवरी को अचानक शुरू हुआ था।
अमेरिकी वायुसेना और इजरायल की विनाशकारी बमबारी में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्राह खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे। इस भीषण घटना के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध भड़क उठा था। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में बने सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी मिसाइलों से निशाना बनाया था।
इसके बाद दोनों तरफ से हमलों का सिलसिला आठ अप्रैल को तब जाकर थोड़ा रुका, जब युद्धरत पक्षों ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक अस्थायी युद्धविराम पर अपनी सहमति जताई थी। लेकिन अब ट्रंप के इस नए तेवर से यह शांति समझौता पूरी तरह टूटता हुआ नजर आ रहा है।
Author: Pallavi Sharma

