ईरान का अमेरिका-इजरायल को दहलाने वाला नया अल्टीमेटम, क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कब्जे से विश्व युद्ध तय?

World News: मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान ने 19 मई 2026 को अमेरिका और इजरायल की सेनाओं को बेहद आखिरी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा कि यदि विरोधी देशों ने दोबारा सैन्य हिमाकत की, तो उन्हें इसके भयानक परिणाम भुगतने होंगे।

ईरान ने पूरी कूटनीतिक स्पष्टता के साथ कहा कि किसी भी संभावित हमले के जवाब में उसकी सेनाएं पूरी तरह नए तरीकों और अत्याधुनिक उपकरणों के साथ घातक पलटवार करेंगी। ईरानी कमांडर्स दुश्मनों के खिलाफ कई नए मोर्चे खोलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ईरान को न तो घेरा जा सकता है और न ही हराया जा सकता है

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने तेहरान के वलियास्र स्क्वायर में आयोजित एक विशाल जनसभा में देश का पक्ष रखा। उन्होंने गरजते हुए कहा कि ईरान को न तो सैन्य रूप से घेरा जा सकता है और न ही पराजित किया जा सकता है।

उन्होंने फारस की खाड़ी में जारी अमेरिकी सैन्य घेराबंदी का विशेष उल्लेख किया। प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि दुश्मन ने फिर से पुरानी गलती दोहराई और इजरायल के बिछाए जाल में फंसकर ईरान की संप्रभुता पर हमला किया, तो उसे बेहद कड़ा और विनाशकारी जवाब मिलेगा।

ब्रिगेडियर जनरल अकरमिनिया ने एक बड़ा रणनीतिक खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि ईरान की सेनाओं ने हालिया युद्धविराम की पूरी अवधि को अपनी गुप्त सैन्य तैयारी के लिए इस्तेमाल किया है। इस दौरान देश की ऑपरेशनल तैयारी को काफी तेज किया गया।

रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण

उन्होंने कहा कि सेना ने युद्धक क्षमताओं को आधुनिक हथियारों से मजबूत किया है। देश ने युद्धविराम को सामान्य समय के बजाय पूरी तरह युद्ध काल की तरह लिया। इसी रणनीति के तहत अपनी लड़ाकू शक्ति को कई गुना अधिक बढ़ाया गया है।

ईरानी सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि उनकी सेनाओं का रणनीतिक जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर इस समय पूरी तरह मजबूत नियंत्रण स्थापित है। यह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग अब अपनी पुरानी स्थिति में किसी भी कीमत पर वापस नहीं जाएगा।

उन्होंने वैश्विक महाशक्तियों को दो टूक लहजे में कहा कि विरोधियों के पास अब एक ही विकल्प बचा है। वे ईरानी राष्ट्र का पूरा सम्मान करें और इस्लामिक गणराज्य ईरान के सभी वैध और ऐतिहासिक अधिकारों को बिना किसी शर्त के स्वीकार करें।

सऊदी और कतर के अनुरोध पर ट्रंप ने टाला बड़ा हमला

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई 2026 को व्हाइट हाउस में एक बड़ा बयान जारी किया था। ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान पर होने वाले अमेरिकी सेना के हमले को कुछ समय के लिए टालने का फैसला किया है।

यह निर्णय पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में ईरान के साथ पर्दे के पीछे चल रही बड़ी चर्चाओं के बाद लिया गया। ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे मित्र देशों ने अमेरिका से इस सैन्य कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए टालने का विशेष अनुरोध किया था।

इन खाड़ी देशों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत किसी बड़े शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच रही है। ट्रंप ने इसे सकारात्मक माना और कहा कि यदि बिना बमबारी के इस जटिल समस्या का समाधान हो जाए, तो उन्हें बेहद खुशी होगी।

Author: Pallavi Sharma

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