पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट से दहला शेयर बाजार, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा और रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरा भारतीय रुपया

Business News: पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल घरेलू शेयर बाजार पर भारी पड़ा है। सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 300 से अधिक अंकों की बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान पर आ गया।

इस बड़ी गिरावट के कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सुबह करीब 9:50 बजे सेंसेक्स 1,010.64 अंक यानी 1.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,227.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर निफ्टी 303.25 अंक यानी 1.28 प्रतिशत लुढ़ककर 23,340.25 अंक के स्तर पर आ गया।

निवेशकों के डूबे सात लाख करोड़ रुपये

बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 7 लाख करोड़ रुपये घट गया। इसके साथ ही यह घटकर 454 लाख करोड़ रुपये रह गया। शुरुआती ट्रेड में सेंसेक्स के 30 में से 27 प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया।

पावरग्रिड के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा स्टील, मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी औंधे मुंह गिरे। हालांकि इस मंदी के माहौल में भी इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयरों में तेजी देखने को मिली।

कच्चे तेल में उछाल से बिगड़ा माहौल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड 1.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 111.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी आज सुबह से भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी, ऑटो और मीडिया इंडेक्स का प्रदर्शन आज सबसे खराब रहा। इसके विपरीत आईटी सेक्टर ने विपरीत परिस्थितियों में भी बाजार को थोड़ा सहारा दिया। निफ्टी मिडकैप में 1.04 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.15 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है।

डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया

शेयर बाजार के साथ-साथ मुद्रा बाजार से भी आज बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। कच्चे तेल में तेजी और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 0.2 प्रतिशत टूटकर 96.18 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर चला गया।

यह लगातार पांचवां सत्र है जब रुपये के मूल्य में गिरावट आई है। इस साल रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई करेंसी बन गया है। ईरान संकट शुरू होने के बाद से डॉलर के मुकाबले इसमें 5.5 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था की चिंताएं बढ़ गई हैं।

Author: Rajesh Kumar

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