Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी भयंकर सैन्य तनाव अब पूरी तरह खत्म होने वाला है। दोनों देशों को महायुद्ध के मुहाने पर लाने वाला विवाद अब शांत हो जाएगा।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि इस ऐतिहासिक शांति समझौते का मसौदा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच इसी हफ्ते के अंत तक समझौते के मुख्य दस्तावेजों पर अंतिम हस्ताक्षर हो सकते हैं।
इस बड़े कूटनीतिक समझौते से न केवल मिडिल ईस्ट क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक व्यापार को भी बहुत बड़ा सहारा मिलेगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार समझौते से जुड़े कानूनी और कूटनीतिक दस्तावेज बेहद तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। आगामी कुछ दिनों में पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जाएगा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस डील को लेकर ईरान की सरकार भी काफी गंभीर नजर आ रही है। दोनों ही पक्ष महीनों से चले आ रहे सैन्य तनाव और कूटनीतिक गतिरोध को हमेशा के लिए समाप्त करना चाहते हैं। इस संभावित समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार की पूरी तस्वीर बदलने वाली है।
ट्रंप ने इस आगामी डील को वैश्विक व्यापार के लिए संजीवनी बताया है। उन्होंने एलान किया कि जैसे ही दोनों देश इस एग्रीमेंट पर दस्तखत करेंगे, रणनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तुरंत पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
यह समुद्री जलमार्ग पूरी दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। इसके दोबारा पूरी तरह चालू होने से अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल मार्केट्स को भयंकर तेजी से बड़ी राहत मिलेगी। इससे दुनियाभर में ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें काफी कम हो सकती हैं।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दिए सकारात्मक संकेत, बातचीत बढ़ी आगे
दूसरी तरफ ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, तेहरान प्रशासन ने अभी तक इस प्रस्तावित शांति समझौते पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पर्दे के पीछे बहुत सकारात्मक बातचीत चल रही है।
जानकारों के मुताबिक अमेरिका द्वारा ईरान के प्रस्तावित मसौदे के कुछ मुख्य बिंदुओं को स्वीकार किए जाने के बाद इस डील की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ईरान भी अपनी खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इस डील के जरिए अमेरिकी प्रतिबंधों से बड़ी राहत चाहता है।
इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को फोन करके इस संभावित डील पर लंबी चर्चा की है। इजरायली पीएमओ के अनुसार ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ इस बातचीत की प्रगति और प्रस्तावित समझौते के सभी प्रमुख बिंदुओं की गोपनीय जानकारी साझा की है।
परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन बुनियादी ढांचे को समाप्त करने की शर्त
इस अंतिम अंतरराष्ट्रीय समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकने के कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके तहत ईरान को अपनी संवेदनशील परमाणु सामग्री को हटाना होगा। साथ ही यूरेनियम संवर्धन बुनियादी (Uranium Enrichment) ढांचे को भी पूरी तरह हमेशा के लिए समाप्त करना होगा।
इसके अलावा ईरान के घातक मिसाइल उत्पादन पर कड़ा प्रतिबंध लगाने और मिडिल ईस्ट में उसके सक्रिय प्रॉक्सी आतंकवादी समूहों को मिलने वाले वित्तीय समर्थन को रोकने जैसे बेहद सख्त नियम शामिल हैं। नेतन्याहू ने इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखने के लिए ट्रंप की जमकर तारीफ की।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि उन्होंने ईरान के खिलाफ होने वाले बड़े अमेरिकी सैन्य हमलों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व से सकारात्मक संदेश मिलने के बाद ही उन्होंने सैन्य कार्रवाई को रोकने का बड़ा फैसला लिया।
Author: Pallavi Sharma


