Delhi News: दिल्ली के हौजरानी अग्निकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हादसे का मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज इस समय पुलिस हिरासत में है। जांच में खुलासा हुआ है कि इलाके में लवकेश का यह इकलौता होटल नहीं था, बल्कि वह कुल पांच होटल चला रहा था।
शातिर आरोपी लवकेश बजाज रिश्तेदारों और परिचितों की मदद के साथ ही प्रशासनिक विभागों की मिलीभगत से यह पूरा नेक्सस चला रहा था। लवकेश ने अपने करियर की शुरुआत हौजरानी गांव में ही “बजाज ट्रेडिंग कंपनी” नाम की एक छोटी सी दुकान खोलकर की थी।
इस दुकान में वह पीओपी, टाइल्स, मार्बल समेत अन्य बिल्डिंग मैटेरियल का सामान बेचता था। दुकानदारी के दौरान जब उसकी जान-पहचान बढ़ी, तो उसने दिल्ली के वीआईपी और मेडिकल टूरिज्म के लिए मशहूर इस मुख्य इलाके में सीधे होटलों का अवैध कारोबार शुरू कर दिया।
लाइसेंस खारिज होने के बाद भी चल रहा था होटल
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वर्ष 2022 में कमर्शियल लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। लेकिन फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न होने और बेहद कमजोर बिल्डिंग स्ट्रक्चर के कारण विभाग ने उसका आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बावजूद वह बिना एनओसी के धड़ल्ले से होटल चला रहा था।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पार्क वाली लेन में स्थित ‘फ्लोरिश इन’ होटल आरोपित लवकेश का ही है। इस इमारत में लंबे समय तक दुकान चलाने के दौरान उसने ऊपर अवैध तरीके से कई कमरे बना लिए। पहले उसने इन्हें किराए पर दिया और बाद में इसे होटल का रूप दे दिया।
प्रशासन ने अवैध होटलों को किया सील
पुलिस जांच के अनुसार, वर्तमान में लवकेश के तीन होटल पूरी तरह संचालित थे, जबकि दो अन्य होटलों का निर्माण कार्य चल रहा था। पुलिस ने जब बचे हुए दोनों होटलों का निरीक्षण किया, तो वहां भी नियमों की धज्जियां उड़ाकर बेसमेंट में अवैध कमरे और रसोई घर बने मिले। प्रशासन ने अब इन सभी होटलों को सील कर दिया है।
लवकेश बजाज ने वर्ष 2022 में यह विवादित संपत्ति अहलूवालिया नामक व्यक्ति से खरीदी थी। लाइसेंस निरस्त होने के बाद आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) श्रेणी का लाइसेंस हासिल कर लिया था। पुलिस अब इस धोखाधड़ी की भी गहराई से जांच कर रही है।
साल 1980 में भी लगी थी इस इमारत में आग
एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि आरोपी लवकेश के जिस अवैध होटल में यह भीषण आग लगी, उस इमारत में पहले साल 1980 में भी आग लग चुकी थी। स्थानीय बुजुर्गों के मुताबिक, तब इस इमारत में एक किराएदार रहता था और हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी।
इस पुराने हादसे के बाद यह पूरी इमारत लंबे समय तक खाली पड़ी रही थी। इसके बावजूद आरोपी ने बिना किसी सुरक्षा ऑडिट और नियमों की परवाह किए, इस जर्जर और संवेदनशील इमारत में सैकड़ों लोगों की जान दांव पर लगाकर अवैध रूप से होटल का संचालन जारी रखा।
Author: Raj Thakur


