Nainital News: धरती पर लगातार मौसम का मिजाज गरमाने के बीच अब अंतरिक्ष मौसम (स्पेस वेदर) पर भी एक बड़ा खतरा मंडराने लगा है। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य के भीतर आंतरिक हलचल बहुत तेजी से बढ़ रही है। नए शोध से पता चला है कि सूर्य की धड़कनें अब बदलने लगी हैं।
सूर्य के भीतर आ रहे ये अप्रत्याशित बदलाव भविष्य में अंतरिक्ष के मौसम का मिजाज पूरी तरह खराब कर सकते हैं। इससे अंतरिक्ष में चक्कर काट रहे विभिन्न देशों के सैटेलाइट और दुनिया भर की हवाई उड़ानों की सुरक्षा के लिए एक बेहद गंभीर और बड़ा खतरा पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के पूर्व निदेशक और जाने-माने सौर विज्ञानी डॉ. वहाबउद्दीन ने बताया कि सूर्य ही वह धूरी है, जो पृथ्वी ही नहीं बल्कि समूचे सौर मंडल को संचालित करती है। इसी वजह से सूर्य की प्रत्येक छोटी-बड़ी गतिविधि पर दुनिया भर के वैज्ञानिकों की पैनी नजर रहती है।
चार दशक के रिसर्च में सामने आया चौंकाने वाला सच
जमीन से लेकर अंतरिक्ष तक अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए सूर्य की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और यूरोपीय एजेंसी इएसए का सोहो सैटेलाइट और भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो का आदित्य एल 1 अंतरिक्ष में तैनात होकर सूर्य पर लगातार बेहद पैनी नजर रख रहे हैं।
बर्मिंघम सोलर ऑसिलेशन नेटवर्क के एक हालिया और बेहद महत्वपूर्ण रिसर्च से पता चला है कि सूर्य की धडकनों में बड़ा बदलाव आया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव साधारण न होकर बेहद रहस्यमय है, जिसे समझने के लिए दुनिया भर के सौर वैज्ञानिक लगातार माथापच्ची कर रहे हैं।
इस विशेष शोध को पूरा करने के लिए पिछले चार दशक यानी करीब 40 वर्षों के आंकड़ों का गहन अध्ययन किया गया है। वैज्ञानिकों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लगी छह शक्तिशाली टेलीस्कोप्स की मदद से यह पाया कि सूर्य की निचली सतह पर कंपन (वाइब्रेशन) पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ने लगी है।
सैटेलाइट और हवाई उड़ानों पर बढ़ेगा सुरक्षा का खतरा
सूर्य की निचली सतह पर बढ़ती इस खतरनाक कंपन के कारण आने वाले समय में अंतरिक्ष मौसम से प्रभावित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल उपकरणों, हवाई सेवाओं और सैटेलाइट की सुरक्षा को लेकर अब पहले से कहीं अधिक पुख्ता जतन और वैज्ञानिक इंतजाम करने होंगे, वरना बड़ा नुकसान हो सकता है।
सौर विज्ञानी डॉ. वहाबउद्दीन का कहना है कि वर्तमान में सूर्य का 25वां सौर चक्र (Solar Cycle) चल रहा है। इस सक्रिय सौर चक्र के दौरान सूर्य की सतह पर कई ऐतिहासिक और भीषण विस्फोट देखे गए हैं। इनसे अंतरिक्ष में बेहद खतरनाक मानी जाने वाली एक्स क्लास (X-Class) की सौर ज्वालाएं उत्पन्न हुई हैं।
इन तीव्र विस्फोटों से निकलने वाले शक्तिशाली भू-चुंबकीय सौर तूफानों के कारण हाल के दिनों में पृथ्वी के कई हिस्सों में रेडियो ब्लैकआउट की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही इन तूफानों के असर से पृथ्वी के दोनों ध्रुवों पर आसमान में रंग-बिरंगे ऑरोरा (ध्रुवीय ज्योति) बड़ी संख्या में देखे गए हैं।
Author: Mohit


