Himachal Pradesh News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने तेलंगाना की एक बड़ी शराब कंपनी पर बहुत बड़ा एक्शन लिया है। राज्य के आबकारी विभाग ने कुल्लू, लाहौल-स्पीति और पांगी क्षेत्र के सभी शराब ठेकों को पूरी तरह सील कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से प्रदेश के शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
मासिक शुल्क न चुकाने पर आबकारी विभाग ने की कार्रवाई
विभाग के अनुसार तेलंगाना की इस शराब कंपनी ने मई महीने का निर्धारित मासिक शुल्क जमा नहीं किया था। कंपनी की तरफ करीब 15 करोड़ रुपये का भारी राजस्व बकाया चल रहा था। बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद कंपनी ने तय समय सीमा के भीतर इस सरकारी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया।
आबकारी शुल्क न चुकाने के बाद भी इन सभी दुकानों पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। इस अवैध बिक्री की पुख्ता शिकायत मिलने के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग हरकत में आया। अधिकारियों ने तुरंत टीमों का गठन किया और डिफाल्टर कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
ई-नीलामी के जरिए खरीदे थे करोड़ों के ठेके
आबकारी विभाग के उपायुक्त मनोज डोगरा ने बताया कि कंपनी ने निर्धारित राजस्व जमा नहीं करवाया है। इसलिए अधिकारियों ने 1 जून से इन सभी दुकानों को सील करने की सख्त प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग नियमों का उल्लंघन करने वाले डिफाल्टरों पर आगे भी ऐसी कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा।
तेलंगाना की इस प्रमुख फर्म एपीटको ने कुल्लू, लाहौल और पांगी में ई-नीलामी के जरिए करोड़ों के ठेके खरीदे थे। इन क्षेत्रों के लिए विभाग ने आरक्षित मूल्य 183.69 करोड़ रुपये रखा था। कंपनी ने सबसे ऊंची यानी 183.70 करोड़ रुपये की बोली लगाकर इन सभी शराब ठेकों को अपने नाम किया था।
इस बड़ी कंपनी ने मंडी जिले में भी करीब 11.32 करोड़ रुपये खर्च करके 10 शराब ठेके खरीदे थे। शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों ने इन महंगी दुकानों को खरीदने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाई थी। इसके बाद अंतिम चरण की नीलामी में तेलंगाना की इस बाहरी कंपनी ने करोड़ों की बाजी मारी थी।
Author: Sunita Gupta


