Delhi News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारतीय रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। देश में सप्लाई लागत की तुलना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर आम जनता को करीब 658 रुपये सस्ता मिल रहा है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को मोदी सरकार की तरफ से और भी बड़ी राहत दी जा रही है। इन लाभार्थियों को मौजूदा समय में एलपीजी सिलेंडर वास्तविक लागत से लगभग 958 रुपए सस्ता मिल रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ा है।
₹1600 के पार पहुंची सप्लाई लागत, पर दिल्ली में दाम सीमित
पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण 14.2 किलो वाले एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक सप्लाई लागत अब ₹1,600 से अधिक हो चुकी है। इससे पहले यह लागत ₹1,200 थी। इसके बावजूद दिल्ली में आम उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर केवल ₹942 में दिया जा रहा है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए स्थिति और भी बेहतर है। उन्हें पहले चार रिफिल पर विशेष सब्सिडी मिलने के बाद यह सिलेंडर सिर्फ ₹642 में मिल रहा है। हालांकि, रविवार 7 जून से 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के रेट में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह ₹913 से बढ़कर ₹942 हुआ है।
पाकिस्तान और अमेरिका सहित कई पड़ोसी देशों से बहुत सस्ता है भारत का LPG
वैश्विक स्तर पर तुलना करें तो भारत में घरेलू एलपीजी की कीमत कई पड़ोसी और विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है। जहां नई दिल्ली में इसकी कीमत ₹942 है, वहीं पाकिस्तान में यह ₹1,046 और नेपाल में ₹1,207 का मिल रहा है। बांग्लादेश में इसके दाम ₹1,225 और श्रीलंका में ₹1,241 हैं।
विकसित देशों की बात करें तो अमेरिका में यही सिलेंडर ₹1,755, ऑस्ट्रेलिया में ₹1,765 और कनाडा में ₹2,411 की भारी-भरकम कीमत पर मिल रहा है। भारत सरकार देश के 10.58 करोड़ से अधिक उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दे रही है।
होर्मुज संकट के बीच सप्लाई सामान्य, जानें क्यों नहीं बढ़ते हर महीने दाम?
होर्मुज स्ट्रेट में जारी रुकावटों और पश्चिम एशिया संकट के बाद भी भारत में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार ने एहतियातन घरेलू एलपीजी उत्पादन को 32 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 52 हजार मीट्रिक टन कर दिया है, जिससे देश के किसी भी हिस्से में गैस की कोई किल्लत नहीं है।
व्यावसायिक (कमर्शियल) सिलेंडरों के दाम अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से हर महीने बदलते हैं, लेकिन घरेलू सिलेंडर की कीमतों को सरकार नियंत्रित रखती है। सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस फरवरी 2026 में 542.5 डॉलर प्रति टन था, जो जून 2026 में 46% बढ़कर 790 डॉलर हो गया है, पर सरकार ने आम जनता को इससे बचा रखा है।
Author: Rajesh Kumar


