INDIA गठबंधन की बैठक से पहले मची खलबली, क्या कांग्रेस का साथ छोड़ रहे हैं ये बड़े दल?

Delhi News: पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी गठबंधन में भारी हलचल है। सोमवार को दिल्ली में आइएनडीआइए (INDIA) की अहम बैठक होने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मोदी सरकार को कई मोर्चों पर घेरना है। लेकिन कांग्रेस के सामने अपने रूठे हुए सहयोगियों को एकजुट रखने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी है।

विपक्षी गठबंधन की यह महत्वपूर्ण बैठक दोपहर बारह बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस अहम बैठक में तेईस राजनीतिक दल शामिल होंगे। इस दौरान नीट पेपर लीक, सीबीएसई खामियों और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर मोदी सरकार को घेरने की पुख्ता रणनीति बनाई जाएगी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ दल अपने निजी कारणों से इस बैठक में नहीं आ पाएंगे। इसके बावजूद सभी दल महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध लगातार कर रहे हैं।

सहयोगियों की नाराजगी और दूरियां

तमिलनाडु में नए सियासी समीकरणों ने गठबंधन की नींव हिला दी है। वहां स्टालिन की हार के बाद कांग्रेस ने टीवीके नेता विजय को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन किया है। इसके चलते द्रमुक ने इस अहम विपक्षी बैठक से पूरी तरह किनारा कर लिया है। यह कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

द्रमुक के अलावा वामपंथी दल भी कांग्रेस पार्टी से काफी नाराज चल रहे हैं। केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने वामदलों पर भाजपा के साथ मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया था। माकपा नेता एमए बेबी ने इस विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की सख्त मांग की है।

टीएमसी की आंतरिक चुनौती

पश्चिम बंगाल में अप्रत्याशित हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी गहरे सियासी संकट से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर इस समय भारी उथल-पुथल मची हुई है। टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी इस विशेष बैठक में पूरी मजबूती के साथ शामिल होगी।

ममता बनर्जी ने खुद इस अहम बैठक को बुलाने की सबसे पहले वकालत की थी। राज्यों के चुनाव परिणामों से मिले झटकों के बाद अब विपक्ष सतर्क है। गठबंधन के सभी प्रमुख नेता अब आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर अपनी भविष्य की मजबूत राजनीतिक रणनीति तैयार करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

Author: Harikarishan Sharma

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories