Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे के बाद दमकल विभाग की टीम ने इमारत में फंसे दो परिवारों के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस भयानक अग्निकांड से सुरक्षित बचाए जाने के बाद भी दोनों परिवारों के सदस्य काफी देर तक गहरे सदमे और बदहवास हालत में दिखे। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद पीड़ित महिलाओं ने बताया कि इमारत में फैले अत्यधिक काले धुएं के कारण उनकी सांसें पूरी तरह अटक रही थीं।
दम घुटने की स्थिति के बीच महिलाओं को खुद से ज्यादा अपने मासूम बच्चों की जान की चिंता सता रही थी। आग की लपटों और धुएं के गुबार ने पूरी इमारत को घेर लिया था, जिससे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था और वे अंदर ही कैद हो गए।
बच्चों को सीने से लगाए लेटी थीं बेबस महिलाएं
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल जांबाज दमकल कर्मी राजकुमार ने बताया कि जब बचाव दल की टीम एक वैकल्पिक रास्ता बनाकर किसी तरह इमारत के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद भावुक करने वाला था। अंदर महिलाएं डर के मारे अपने मासूम बच्चों को सीने से कसकर लगाए जमीन पर लेटी हुई थीं।
इमारत के अंदर मौजूद पुरुष सदस्य भी खौफ के साए में बेहद डरे और सहमे हुए थे। दमकल कर्मियों ने सबसे पहले घबराए हुए पारिवारिक सदस्यों को ढांढस बंधाया और उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद बेहद सतर्कता बरतते हुए सभी को सुरक्षित तरीके से इमारत से बाहर निकाला गया।
दम घुटने से एक पालतू कुत्ते की मौत, दूसरे की हालत गंभीर
इस भीषण अग्निकांड के दौरान बचाव अभियान में जुटी टीम को इमारत के अंदर काले रंग के ल्हासा अप्सो नस्ल के दो पालतू कुत्ते भी बेसुध हालत में पड़े मिले। रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन दोनों बेजुबान जानवरों को तुरंत सीपीआर (अस्पताल पूर्व प्राथमिक चिकित्सा) और जरूरी प्राथमिक उपचार दिया।
दमकल कर्मियों की भारी कोशिशों के बावजूद, धुएं के कारण दम घुटने से एक पालतू कुत्ते की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, आग की लपटों से गंभीर रूप से झुलसे दूसरे पालतू कुत्ते को तुरंत नजदीकी पशु अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।
Author: Raj Thakur


