Dehradun News: उत्तराखंड के देहरादून स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में एक पुलिस दरोगा द्वारा कॉलेज परिसर के भीतर घुसकर शिक्षकों के साथ बेरहमी से मारपीट और तोड़फोड़ करने का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज इंटरनेट मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो साक्ष्य में दरोगा महेश कंडवाल साफ तौर पर मर्यादा भूलकर शिक्षकों को पीटते और कुर्सियां पटकते हुए दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को यह पूरा मामला दिनभर प्रशासनिक और सार्वजनिक हलकों में सुर्खियों में बना रहा, जिससे पुलिस महकमे की छवि को गहरा धक्का लगा है।
नकल रोकने पर शुरू हुआ पूरा खूनी विवाद
यह पूरा हाई-प्रोफाइल विवाद दरोगा महेश कंडवाल के बेटे कबीर कंडवाल से जुड़ा है। छात्र पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। कॉलेज के प्रताड़ित शिक्षकों का आरोप है कि 4 जून को बैक पेपर की परीक्षा के दौरान दरोगा का बेटा खुलेआम नकल कर रहा था।
जब परीक्षा ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षकों ने छात्र को कानूनन नकल करने से सख्ती से रोका, तो उसने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद दरोगा जी अपने दर्जनों बाहरी समर्थकों के साथ सीधे कॉलेज परिसर में धमक पड़े। उन्होंने गुरुओं के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
दरोगा ने शिक्षकों पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर, आरोपी दरोगा महेश कंडवाल ने अपने बचाव में कॉलेज प्रशासन पर जवाबी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों और अन्य शिक्षकों की मिलीभगत से कुछ खास छात्रों को पैसे लेकर अवैध तरीके से नकल कराई जा रही थी।
दरोगा का दावा है कि उनके बेटे ने जब इस परीक्षा धांधली का कड़ा विरोध किया, तो शिक्षकों ने गुटबाजी करके उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। शिक्षकों ने उसे छोड़ने के बदले रुपयों की मांग की और उसे अवैध रूप से कॉलेज के एक कमरे में बंधक बनाकर रखा।
स्थानीय पुलिस की निष्पक्षता पर उठे सवाल
इंटरनेट मीडिया पर दरोगा की सरेआम दबंगई का वीडियो फुटेज वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित शिक्षकों का आरोप है कि पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दबाव में काम करते हुए एकतरफा कार्रवाई की।
पुलिस ने कानून को ताक पर रखकर सबसे पहले दरोगा की तहरीर पर ही कॉलेज के चार सम्मानित शिक्षकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। इन शिक्षकों में प्रभात खंडूरी, पवन कुमार, पीयूष काला और शिवानी शामिल हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह कटघरे में है।
पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज किया क्रॉस केस
मामला पूरी तरह तूल पकड़ने और उत्तराखंड शिक्षक संघ के अड़ जाने के बाद बैकफुट पर आई पुलिस ने दोनों ही पक्षों की तहरीर स्वीकार की है। कोतवाली पुलिस ने अब दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ विभिन्न धाराओं में क्रॉस केस दर्ज कर लिया है।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष वैज्ञानिक जांच की जा रही है। पुलिस कप्तानों ने भरोसा दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।
Author: Harish Rawat


