UP Sangeet Natak Akademi Award: वरिष्ठ महिला पत्रकार को मिला राज्य का सबसे बड़ा सम्मान, जानें कौन हैं शशिप्रभा तिवारी जिन्होंने देश में बढ़ाया जिले का मान

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में कला और संस्कृति के क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने अपनी कलात्मक विरासत को समृद्ध करने के लिए वरिष्ठ पत्रकार शशिप्रभा तिवारी को सम्मानित किया है। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी ने उन्हें वर्ष 2024 के प्रतिष्ठित अकादमी पुरस्कार से नवाजा है। समीक्षा लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए उन्हें यह गौरवशाली पुरस्कार मिला है। इस खबर के बाद से कला जगत और उनके गृह जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

Lucknow News: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गांधी सभागार में दिया प्रतिष्ठित सम्मान

राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक गांधी सभागार में एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया था। इस गरिमामय कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। उन्होंने वरिष्ठ कला समीक्षक शशिप्रभा तिवारी को मंच पर सम्मानित करते हुए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। इस विशेष पुरस्कार समारोह में राज्य के कई नामचीन कलाकार, साहित्यकार, संस्कृतिकर्मी और वरिष्ठ पत्रकार भी मौजूद रहे, जिन्होंने शशिप्रभा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खूब सराहना की।

Shashiprabha Tiwari Profile: लार के बरडीहा दलपत गांव से दिल्ली के इंद्रप्रस्थ तक का सफर

वरिष्ठ कला समीक्षक शशिप्रभा तिवारी मूल रूप से देवरिया जिले के लार ब्लॉक के बरडीहा दलपत गांव की निवासी हैं। उनका जन्म रुद्रपुर तहसील के सोनबरसा गांव में हुआ था। वर्तमान समय में वह देश की राजधानी दिल्ली के इंद्रप्रस्थ इलाके में रह रही हैं। उनके पति संजय कुमार तिवारी दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं उनके पिता दयाशंकर पांडेय झारखंड के रांची में स्थित प्रसिद्ध संस्थान बीआइटी मेसरा में लंबे समय से कार्यरत हैं।

Journalism and Research Work: तीन दशकों से कला और प्रदर्शन विधाओं पर कर रही हैं शोध

शशिप्रभा तिवारी पिछले तीस वर्षों से कला, संस्कृति और प्रदर्शन कलाओं के विभिन्न आयामों पर लगातार शोधपरक लेखन कर रही हैं। उन्होंने रांची विश्वविद्यालय और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मीडिया की उच्च शिक्षा प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय लोक कलाओं और शास्त्रीय विधाओं के संरक्षण पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने उन्हें प्रतिष्ठित आइसीएच फेलोशिप और सीनियर फेलोशिप से भी नवाजा है।

CBFC Member and Famous Books: सेंसर बोर्ड की सदस्य और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

अपनी विशेषज्ञता के कारण शशिप्रभा तिवारी वर्ष 2018 से सेंट्रल बोर्ड आफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रही हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘शास्त्रीय नृत्यकारों से अंतरंग संवाद’ को वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा ‘विद्यानिवास मिश्र सर्जना पुरस्कार’ मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें अब तक बेस्ट क्रिटिक नेशनल अवार्ड, शब्द शिल्पी सम्मान, सांस्कृतिक सम्मान, राजीव रत्न सद्भाव सम्मान और आचार्य अभिनव गुप्त सम्मान जैसे दर्जनों बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories