Delhi News: केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उनके कार्यकाल को अगले दो वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
स्वामीनाथन जानकीरमन का यह नया और विस्तारित कार्यकाल 26 जून से आधिकारिक रूप से प्रभावी माना जाएगा। जून 2023 में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के रूप में नियुक्त हुए जानकीरमन की प्रभावी कार्यशैली और नीतिगत फैसलों की वजह से वित्तीय जगत में स्थिरता को काफी मजबूती मिली है।
एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में दे चुके हैं सेवाएं
स्वामीनाथन जानकीरमन को भारत के सबसे अनुभवी और प्रतिष्ठित बैंकरों में गिना जाता है। देश के केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई में नियुक्त होने से पहले वे देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में प्रबंध निदेशक (Managing Director) के पद पर तैनात थे।
स्टेट बैंक में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और बैंक के विभिन्न रणनीतिक विभागों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। रिजर्व बैंक में डिप्टी गवर्नर के रूप में जानकीरमन वर्तमान में पर्यवेक्षण (Supervision) और निरीक्षण (Inspection) जैसे सबसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाल रहे हैं।
इसके साथ ही वे वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) और अन्य कोर विभागों की जिम्मेदारी भी कुशलतापूर्वक देख रहे हैं। देश की बैंकिंग प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने तथा बड़े वित्तीय संस्थानों की सख्त निगरानी करने में उनकी भूमिका हमेशा से बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण रही है।
तीन दशकों से ज्यादा का है शानदार बैंकिंग अनुभव
स्वामीनाथन जानकीरमन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत और प्रेरक है। उनकी व्यावसायिक प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट से रिस्क मैनेजमेंट और इंटरनेशनल ट्रेड फाइनेंस के क्षेत्र में अपनी एमबीए (MBA) की पढ़ाई पूरी की है।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में उन्हें तीन दशक यानी 30 साल से भी अधिक का एक व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे रिटेल बैंकिंग, कॉर्पोरेट बैंकिंग, इंटरनेशनल बैंकिंग, ट्रेड फाइनेंस, डिजिटल बैंकिंग तथा ट्रांजैक्शन बैंकिंग जैसे जटिल बैंकिंग क्षेत्रों के बड़े विशेषज्ञ माने जाते हैं।
एसबीआई में अपने शानदार कार्यकाल के दौरान वे कॉर्पोरेट बैंकिंग और सहयोगी कंपनियों (Subsidiaries) के प्रमुख रहे थे। डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में उनका योगदान काफी उल्लेखनीय रहा है। वे एसबीआई के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अभियान के प्रमुख चेहरों में शामिल थे, जिससे बैंक की डिजिटल सेवाओं को नया विस्तार मिला।
Author: Rajesh Kumar


