Bengaluru News: भारत के दो सबसे बड़े कॉर्पोरेट और तकनीकी हब, बेंगलुरु और गुरुग्राम के बीच रहने की लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग) को लेकर एक बेहद दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है। साल 2026 के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि नौकरीपेशा पेशेवरों के लिए वित्तीय रूप से बेंगलुरु ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है।
वैश्विक डेटाबेस वेबसाइट नम्बियो (Numbeo) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कई खर्च श्रेणियों में बेंगलुरु गुरुग्राम की तुलना में काफी किफायती है। अगर किराए के खर्च को छोड़ दिया जाए, तो बेंगलुरु में कुल जीवन यापन की लागत गुरुग्राम से करीब 12.8 प्रतिशत तक कम दर्ज की गई है।
किराया लगभग बराबर, लेकिन घर खरीदना बेंगलुरु में बेहद सस्ता
यदि मासिक किराए को भी कुल खर्च में शामिल कर लिया जाए, तब भी बेंगलुरु शहर गुरुग्राम की तुलना में 10.3 प्रतिशत सस्ता बैठता है। हालांकि दोनों शहरों के मुख्य केंद्रों में एक बेडरूम वाले फ्लैट का औसत किराया लगभग समान है, जो प्रति माह करीब 30,500 रुपये के आसपास है।
इस तुलना में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला अंतर प्रॉपर्टी खरीदने की कीमतों में देखा गया है। बेंगलुरु में खुद का घर खरीदना गुरुग्राम के मुकाबले बेहद सस्ता है। शहर के मुख्य केंद्रीय क्षेत्रों में प्रति वर्ग मीटर अपार्टमेंट की कीमत गुरुग्राम की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत तक कम है।
वहीं मुख्य शहर के बाहरी इलाकों की बात करें, तो वहां संपत्तियों की कीमतें गुरुग्राम से 37 प्रतिशत से भी अधिक कम हैं। यह बड़ा अंतर उन पेशेवरों और परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा वित्तीय लाभ है, जो दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर दक्षिण भारत के इस आईटी हब में बसना चाहते हैं।
सस्ती बिजली और पढ़ाई के साथ सैलरी के मामले में भी मारी बाजी
आंकड़ों के मुताबिक एक सामान्य 85 वर्ग मीटर के अपार्टमेंट के लिए मासिक उपयोगिता बिल (बिजली-पानी आदि) बेंगलुरु में 31 प्रतिशत से अधिक कम आते हैं। इसके अलावा बच्चों की प्रीस्कूल फीस करीब 29 प्रतिशत और इंटरनेशनल स्कूलों की सालाना ट्यूशन फीस भी गुरुग्राम से 29 प्रतिशत तक सस्ती है।
बेंगलुरु की उच्च क्रय शक्ति (परचेजिंग पावर) इस शहर को सबसे खास बनाती है। बेंगलुरु में कामकाजी लोगों का औसत मासिक नेट वेतन (सैलरी) लगभग 86,580 रुपये है, जबकि गुरुग्राम में यह आंकड़ा 74,738 रुपये पर ही सिमट जाता है। इसके चलते बेंगलुरु में स्थानीय क्रय शक्ति 29.1 प्रतिशत अधिक है।
रोजगार के लिहाज से गुरुग्राम जहां कॉर्पोरेट, परामर्श (कंसल्टिंग) और वित्तीय सेवाओं के लिए जाना जाता है, वहीं बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी बना हुआ है। लेकिन साल 2026 में कम खर्च, बेहतर बचत और ज्यादा सैलरी के दम पर आर्थिक दृष्टिकोण से बेंगलुरु स्पष्ट रूप से बाजी मार रहा है।
Author: Rajesh Kumar


