Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। मोदीनगर और मुरादनगर के नजदीक निवाड़ी गांव में यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश उद्योग विकास निगम) करीब 780 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल और आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर का विकास कर रहा है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना कुल तीन चरणों में पूरी की जाएगी। इसके पूरी तरह तैयार होने के बाद निवाड़ी न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बंपर नए अवसर भी पैदा करेगा।
किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज
यूपीसीडा के मुताबिक, इस औद्योगिक क्षेत्र के पहले चरण के विकास के लिए 260 करोड़ रुपये की लागत से 34 सेक्टर की जमीन किसानों से खरीदी जा चुकी है। इसके अलावा, दूसरे चरण के लिए भी करीब 75 करोड़ रुपये का भूमि समझौता सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
परियोजना के लिए बाकी बची जमीन का अधिग्रहण इसी महीने के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पूरे प्रस्तावित क्षेत्रफल में 60 हेक्टेयर सरकारी भूमि भी शामिल है। इसके हैंडओवर के लिए जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद फाइल अब मंडलायुक्त के पास अंतिम अनुमति के लिए भेजी गई है।
इसी साल दिसंबर से निवेशकों को मिलेंगे भूखंड
परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 से इच्छुक निवेशकों को औद्योगिक भूखंडों का आवंटन शुरू होने की प्रबल संभावना है। यहां विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के तहत चौड़ी सड़कें, बिजली, जल निकासी, सीवरेज और ग्रीन बेल्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
आकार और निवेश क्षमता के लिहाज से यह नया क्षेत्र यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के बाद प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्लस्टर माना जा रहा है। यहां मुख्य रूप से एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग से जुड़े बड़े उद्योगों के आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
जीबीसी के बड़े निवेशकों की राह होगी आसान
फरवरी 2024 में लखनऊ में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) में करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। उस समय जमीन की कमी के कारण कई उद्यमी अपने प्लांट स्थापित नहीं कर पाए थे। अब निवाड़ी में जमीन उपलब्ध होने से उन बड़े निवेशकों की राह बेहद आसान हो जाएगी।
इस औद्योगिक क्षेत्र के चालू होने से गाजियाबाद जिले में विद्युत पुर्जे, फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोबाइल पिस्टन, मशीनरी पार्ट्स और होम फर्निशिंग जैसे प्रमुख उद्योगों को भारी बढ़ावा मिलेगा। यूपीसीडा का मुख्य लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर भूखंडों का आवंटन शुरू कर निवेशकों को आकर्षित करना है।
Author: Ajay Mishra


