Delhi News: इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स ने लोगों को अपनी जिंदगी शेयर करने का जरिया तो दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक नई मानसिक समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसे ‘डिजिटल जलन’ (Digital Jealousy) या ‘सोशल मीडिया तुलना तनाव’ कहा जाता है, जो आज के युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है।
डिजिटल जलन तब होती है जब व्यक्ति लगातार सोशल मीडिया पर दूसरों की सफल, खुशहाल और आकर्षक जिंदगी को देखकर अपनी वास्तविक जिंदगी से तुलना करने लगता है। दिल्ली के कैलाश दीपक अस्पताल की कंसल्टेंट डॉ. मेघा अग्रवाल से जानिए कि यह समस्या क्या है और इससे खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
सोशल मीडिया की नकली चमक से घट रहा है आत्मसम्मान
डॉ. मेघा अग्रवाल बताती हैं कि डिजिटल जलन एक ऐसी मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति सोशल मीडिया पर दूसरों की परफेक्ट लाइफ देखकर खुद को हीन महसूस करने लगता है। जब कोई व्यक्ति लगातार दूसरों को घूमते-फिरते और सफल होते देखता है, तो उसके अंदर एक गहरा असंतोष और ईर्ष्या पनपने लगती है।
डॉ. मेघा अग्रवाल के अनुसार यह भावना धीरे-धीरे व्यक्ति के आत्मविश्वास को पूरी तरह कमजोर कर सकती है। सोशल मीडिया पर अधिकतर लोग अपनी जिंदगी का केवल सबसे अच्छा और अटरैक्टिव हिस्सा ही पोस्ट करते हैं। जब आम लोग अपनी साधारण जिंदगी की तुलना इस बनावटी दुनिया से करते हैं, तो वे अवसाद से घिर जाते हैं।
लगातार तुलना करने की यह खतरनाक आदत सीधे तौर पर व्यक्ति के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाती है। इंसान धीरे-धीरे खुद की क्षमताओं पर शक करने लगता है और उसे अपने फैसलों पर भरोसा नहीं रहता। इसके अलावा यह आदत गंभीर एंग्जायटी, चिड़चिड़ापन और गहरी मानसिक निराशा जैसी घातक समस्याओं को भी काफी बढ़ा सकती है।
डिजिटल जलन से बचने के लिए डॉ. मेघा अग्रवाल के जरूरी टिप्स
डॉ. मेघा अग्रवाल बताती हैं कि इस गंभीर मानसिक जाल से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी सोशल मीडिया का बेहद संतुलित और सीमित उपयोग है। डॉ. मेघा अग्रवाल सलाह देती हैं कि हर यूजर को यह बुनियादी बात समझनी होगी कि स्क्रीन पर दिखने वाली जिंदगी कभी भी पूरी सच्चाई नहीं होती है।
इस समस्या से उबरने के लिए अपने दैनिक स्क्रीन टाइम को तुरंत सीमित करें और ऐसे अकाउंट्स को अनफॉलो करें जो आपके अंदर नकारात्मकता भरते हैं। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपनी वास्तविक जिंदगी की गतिविधियों और हॉबीज पर ध्यान देना शुरू करें। अपनी छोटी-बड़ी उपलब्धियों पर फोकस करने से आपका खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौट आएगा।
Author: Gaurav Malhotra


