Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 11वीं के छात्र की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। खोड़ा क्षेत्र के निवासी आरोपी असद की पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने के बाद इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
इस बड़े पुलिस एनकाउंटर को लेकर अब देश में नया सियासी विवाद भी खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने इस मुठभेड़ को पूरी तरह गलत ठहराया है। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि वे इस तरह के किसी भी एनकाउंटर के बिल्कुल खिलाफ हैं। आरोपी को गोली मारने का सीधा मतलब देश की कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेना है। सरकार द्वारा ऐसा करना गैर कानूनी और पूरी तरह गलत है।
आरोपी असद पर पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद से ही मुख्य आरोपी असद लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी।
अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को घायल छात्र सूर्या चौहान ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी असद पर 50,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। रविवार तड़के पुलिस टीम के साथ हुई मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पुलिस टीम और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें घायल असद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मोटरसाइकिल चलाने को लेकर शुरू हुआ था पूरा विवाद
मृतक छात्र सूर्या चौहान के परिजनों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के तुरंत बाद ही तीन अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार मृतक सूर्या चौहान और आरोपी असद आपस में दोस्त थे। दोनों के बीच अचानक मोटरसाइकिल चलाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। यह आपसी बहस इतनी बढ़ गई कि असद ने सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस प्रशासन अब मुठभेड़ स्थल की फोरेंसिक जांच करवा रहा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधिकारी मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं ताकि कोर्ट और मानवाधिकार आयोग के समक्ष तथ्य रखे जा सकें।
Author: Raj Thakur


