Uttar Pradesh News: लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने नेपाल सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर रात के समय वाहनों के आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित माहौल देने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है। अब शाम ढलते ही इस मार्ग पर सन्नाटा रहेगा और केवल आपातकालीन वाहनों को ही विशेष परिस्थितियों में गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
दुधवा से गौरीफंटा मार्ग पर रात 12 घंटे रहेगा सख्त प्रतिबंध
दुधवा टाइगर रिजर्व के उप निदेशक जगदीश आर ने इस नए नियम को लेकर एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक दुधवा से नेपाल बॉर्डर के पास बसे गौरीफंटा कस्बे तक जाने वाली सड़क पर हर दिन शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक आम जनता की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस 12 घंटे के रात्रिकालीन प्रतिबंध को कड़ाई से लागू किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने तैयार किया वैकल्पिक मार्ग
इस प्रतिबंधित समय के दौरान केवल एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को ही इस मार्ग से आने-जाने की विशेष छूट मिलेगी। उप निदेशक जगदीश आर ने बताया कि रात में गौरीफंटा की तरफ जाने वाले आम यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। दुधवा से चंदनचौकी होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग आम जनता के लिए 24 घंटे खुला रहेगा। इस रूट के जरिए गौरीफंटा तक वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टाइगर रिजर्व ने लिया बड़ा फैसला
प्रशासन ने साफ किया है कि रात के समय यातायात को नियंत्रित करने का यह महत्वपूर्ण निर्णय माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश के अनुपालन में लिया गया है। उप निदेशक के अनुसार यह रात्रिकालीन वाहन प्रतिबंध बाघ अभ्यारण्यों में सख्त नियमों को लागू करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करता है। यह नया नियम न सिर्फ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि वैकल्पिक मार्ग देकर जनहित और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक बेहतरीन संतुलन भी स्थापित करता है।


