आरबीआई ने क्या सचमुच बेच दिया 1.14 लाख करोड़ का सोना? ब्लूमबर्ग ने अपनी ‘फेक न्यूज’ पर मांगी माफी, वापस ली रिपोर्ट

Mumbai News: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सोने के भंडार (Gold Reserve) को लेकर इंटरनेट पर अचानक एक बहुत बड़ा भ्रम फैल गया। दरअसल, दिग्गज वैश्विक एजेंसी ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक गलत विश्लेषण के आधार पर पब्लिश हुई रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि आरबीआई ने अपने सोने के भंडार का एक बड़ा हिस्सा बाजार में बेच दिया है।

इस सनसनीखेज खबर के वायरल होते ही भारतीय वित्तीय बाजार में हड़कंप मच गया। हालांकि, जब ब्लूमबर्ग को अपनी इस भारी तकनीकी भूल का अहसास हुआ, तो उन्होंने 2 जून को प्रकाशित अपनी इस पूरी स्टोरी को तुरंत वापस ले लिया। सही मूल्यांकन पद्धति से साफ हो गया है कि आरबीआई ने अपना कोई सोना नहीं बेचा है।

जानिए आखिर ब्लूमबर्ग के एक्सपर्ट्स से कहां हुई इतनी बड़ी गणितीय चूक

ब्लूमबर्ग ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उनके एनालिसिस में भूलवश आरबीआई के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू तय करने के लिए उसी दिन के भारतीय घरेलू गोल्ड प्राइस का इस्तेमाल कर लिया गया था। जबकि नियम के मुताबिक पिछले दिन के लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के इंटरनेशनल प्राइस का इस्तेमाल होना चाहिए था।

गलत रिपोर्ट में किया गया था 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचने का भ्रामक दावा

वापस ली गई उस गलत रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मध्य पूर्व (West Asia) में जारी युद्ध और भारी आर्थिक दबाव के बीच आरबीआई ने अपनी विदेशी मुद्रा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए 22 मई तक के दो हफ्तों के भीतर लगभग 12 बिलियन डॉलर (करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये) का सोना बेच दिया है।

आरबीआई ने जारी किया बुलेटिन: 880.52 टन पर पूरी तरह सुरक्षित है भारत का सोना

इस पूरे विवाद और भ्रम की स्थिति पर भारतीय रिजर्व बैंक ने 3 जून को अपना आधिकारिक बुलेटिन जारी कर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। आरबीआई के स्पष्टीकरण के अनुसार, भारत का कुल भौतिक सोने का भंडार 880.52 टन पर पूरी तरह अपरिवर्तित है। यह वही सुरक्षित मात्रा है जो रिजर्व बैंक ने 31 मार्च को घोषित की थी।

घरेलू बाजार में सोने-चांदी पर लगेगा तगड़ा झटका, सरकार ने डबल की इंपोर्ट ड्यूटी

इस बड़ी खबर के बीच भारत सरकार ने सोने और चांदी के इंपोर्ट (आयात) पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में सीधे दोगुने का भारी-भरकम इजाफा कर दिया है। सरकार के इस बड़े फैसले के बाद अब विदेशों से आने वाले कीमती बुलियन (सोना-चांदी) पर घरेलू आभूषण कारोबारियों को पहले के मुकाबले दोगुना टैक्स चुकाना पड़ेगा।

5% से बढ़कर सीधी 10% हुई बेसिक कस्टम ड्यूटी, आम जनता पर बढ़ेगा बोझ

पहले विदेशों से सोना मंगाने पर 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और 1% एआईडीसी लगता था, जिससे कुल कस्टम टैक्स 6% बनता था। इसके ऊपर 3% आईजीएसटी जोड़ने के बाद कुल प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 9.18% पड़ती थी। अब सरकार ने बीसीडी को 5% से बढ़ाकर सीधा 10% और एआईडीसी को 1% से बढ़ाकर 5% कर दिया है।

सरकार के इस नए फैसले से कुल कस्टम लेवी अचानक बढ़कर 15% के स्तर पर पहुंच गई है। इसमें 3% आईजीएसटी (IGST) को जोड़ने के बाद अब कुल प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर सीधे 18.45% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इससे आने वाले दिनों में सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

Author: Rajesh Kumar

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