World News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच एक बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उसकी नौसेना ने ओमान सागर में कमांड एंड Control सेंटर संचालित कर रहे एक अमेरिकी सैन्य जहाज को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला तब किया गया जब अमेरिकी जहाज ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के बेहद करीब पहुंच गया था। ईरानी सेना ने इसे अपने कमर्शियल जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य के नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एक वैध जवाबी कार्रवाई बताया है।
दूसरी ओर यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस बड़े समुद्री दावे को तुरंत और सिरे से खारिज कर दिया है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक तीखे बयान में कहा कि ईरान सरासर झूठ बोल रहा है। समुद्र में सभी अमेरिकी सैन्य संपत्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और निर्बाध रूप से अपना काम कर रही हैं।
कुवैत एयरपोर्ट पर मूसलाधार मिसाइलें, भारतीय नागरिक की मौत
यह समुद्री टकराव तब हुआ जब तेहरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे तौर पर 30 बैलिस्टिक मिसाइलों और घातक ड्रोन से हमला किया। इस भीषण हमले में कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल वन को भारी नुकसान पहुंचा है। इस भीषण तबाही के कारण 8 अप्रैल से लागू नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूट गया है।
कुवैती स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हवाई अड्डे पर हुए इस भयानक हमले में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 63 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक औपचारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि इस हमले में मारा गया मृत पीड़ित भारत का ही एक नागरिक था।
भारत सरकार ने नागरिक ठिकानों और गैर-सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से तुरंत इस तरह के हमलों को रोकने का आह्वान किया है। इस हमले के बाद मचे हड़कंप के कारण कुवैत एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन अस्थायी रूप से पूरी तरह रोक दिया गया था।
तकनीकी खराबी या सोची-समझी साजिश? अमेरिका-ईरान में ठनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने नागरिक हवाई अड्डे पर हुई इस बमबारी में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है। ईरानी प्रवक्ता का दावा है कि हवाई अड्डे पर हुई तबाही वास्तव में अमेरिका निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के अंदर अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण हुई है।
हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के इस दावे का जोरदार विरोध किया है। सेंटकॉम ने जोर देकर कहा कि ईरान ने जानबूझकर और एक सोची-समझी रणनीति के तहत नागरिक हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इसके जवाब में ईरान के केशम द्वीप पर भीषण जवाबी सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक कुवैत और बहरीन की ओर आ रहे ईरानी ड्रोन के झुंड और मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया गया। बहरीन ने भी अपने रक्षा नेटवर्क द्वारा तीन मिसाइलें रोकने की पुष्टि की है। इस बीच, कतर के पूर्व प्रधानमंत्री शेख हमद बिन जासिम अल थानी ने भी पड़ोसी देशों पर ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की है।
Author: Pallavi Sharma


