Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार में पिछले शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद आज जबरदस्त सुधार हुआ है। सोमवार सुबह घरेलू शेयर बाजार एक शानदार बढ़त के साथ खुले हैं। ग्लोबल मार्केट्स से मिले बेहद मजबूत संकेतों के कारण स्थानीय निवेशकों का हौसला काफी बढ़ गया है।
कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में 420 अंकों से ज्यादा का बड़ा उछाल दर्ज किया गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 100 अंकों की बढ़त के साथ खुला। एशियाई बाजारों में आई इस तेजी ने भारतीय इंडेक्स को मजबूत सहारा दिया है।
इन तीन बड़े कारणों से घरेलू शेयर बाजार में आई रौनक
इस बड़ी तेजी के पीछे अमेरिकी और एशियाई बाजारों का मजबूत प्रदर्शन सबसे प्रमुख वजह है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच एक नए समझौते की उम्मीद जगी है। इस सकारात्मक खबर से दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में एक बेहद अच्छा माहौल बना है।
भारतीय बाजार के दिग्गज शेयरों में आज निवेशकों ने तगड़ी खरीदारी की है। आईटी सेक्टर की मशहूर कंपनी इन्फोसिस के शेयर करीब 2.6 फीसदी ऊपर चढ़ गए। वहीं टीसीएस में 1.7 प्रतिशत और बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज एचडीएफसी बैंक में 0.7 फीसदी की बढ़त देखी गई।
इन हैवीवेट शेयरों ने दोनों मुख्य इंडेक्स को ऊपर खींचने का बड़ा काम किया है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी के 50 में से 35 शेयर लगातार हरे निशान पर बने हुए थे। बाजार में इंडिगो और एशियन पेंट्स के शेयरों ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया है।
इस हफ्ते रिजर्व बैंक की बैठक और अमेरिका से अहम वार्ता
घरेलू निवेशकों के लिए चालू हफ्ता नीतिगत फैसलों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। आगामी 3 जून से भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक शुरू होगी। केंद्रीय बैंक इस समीक्षा बैठक के नतीजों का औपचारिक एलान 5 जून को करेगा।
बाजार के जानकारों के मुताबिक महंगाई के जोखिम को देखते हुए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रख सकता है। इसके अलावा 1 जून से भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर चार दिवसीय महत्वपूर्ण वार्ता शुरू हो रही है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी सलाह
शेयर बाजार में आज अच्छी रिकवरी जरूर आई है, लेकिन निवेशकों के सामने कुछ पुरानी चुनौतियां अब भी मौजूद हैं। तकनीकी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,700 का स्तर पार नहीं करता, तब तक बाजार में थोड़ी कमजोरी बनी रहेगी।
उधर इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित हो रहा है। कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 93 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। तेल महंगा होने से महंगाई का डर बढ़ा है, जिससे सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है।
Author: Rajesh Kumar


