Himachal News: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां इन दिनों हादसों का खौफनाक डेरा बन गई हैं। राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बेहद डराने वाली रिपोर्ट पेश की है। प्रदेश में पिछले तीन साल के भीतर सड़क हादसों में 2,643 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। मौत का यह भारी आंकड़ा सिस्टम और ड्राइवरों की लापरवाही की एक डरावनी तस्वीर पेश कर रहा है। विधायक भुवनेश्वर गौर के एक सवाल पर सरकार ने यह विस्तृत लिखित जानकारी सदन को दी है।
शिमला में सबसे ज्यादा मौतें, 10 हजार लोग हुए घायल
मुख्यमंत्री ने 31 जनवरी 2026 तक के आंकड़े सदन के सामने रखे। पिछले तीन वर्षों में राज्य में कुल 6,515 जानलेवा सड़क हादसे हुए हैं। इन भीषण हादसों में 9,999 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसों के मामले में राजधानी शिमला की हालत सबसे ज्यादा खराब है। शिमला जिले में साल 2023 में 300, 2024 में 320 और 2025 में 270 भयानक दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि पहाड़ों पर सफर करना अब कितना खतरनाक हो चुका है।
क्यों हो रहे इतने हादसे और क्या कर रही है सरकार?
विधानसभा में इन जानलेवा हादसों की असली वजह भी बताई गई है। तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और ड्राइविंग के वक्त मोबाइल का इस्तेमाल इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा सड़कों की खस्ता हालत ने भी कई मासूमों की जान ली है। इन हादसों को रोकने के लिए सरकार ने कुछ कड़े कदम उठाए हैं। सड़कों पर 108 इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। ट्रैफिक नियमों को तोड़ने और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त अभियान चलाकर चालान काट रही है।


