Himachal Pradesh News: राजधानी शिमला के चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एआईएमएसएस) प्रदेश का सबसे बड़ा मेडिकल हब बन गया है। अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक गंभीर मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। संस्थान अब लोगों को बेहतरीन वर्ल्ड क्लास इलाज मुहैया करवा रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इसमें संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. बृज शर्मा और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधीर शर्मा ने उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की। अस्पताल में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी और सीटीवीएस जैसी क्रिटिकल सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भारी भीड़ और सैकड़ों टेस्ट हुए
संस्थान के डॉक्टरों के अनुसार मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या अस्पताल की विश्वसनीयता को बयां करती है। केवल मई 2026 के महीने में ही 12,267 मरीजों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाया। इसी दौरान करीब 975 गंभीर मरीजों को वार्डों में इनडोर भर्ती करके बेहतरीन इलाज दिया गया।
अस्पताल के अत्याधुनिक रेडियोलॉजी विभाग में अब तक 737 अल्ट्रासाउंड, 548 सीटी स्कैन और 2,176 डिजिटल एक्स-रे सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य मरीजों को एक ही छत के नीचे बिना किसी परेशानी के सभी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और टेस्ट की सुविधाएं देना है।
चौबीस घंटे खुली रहेगी लैब और रोबोटिक सर्जरी से नया इतिहास
अस्पताल मैनेजमेंट ने पिछले छह महीनों में कई बड़ी सुविधाएं ग्राउंड पर लागू की हैं। इनमें 24 घंटे चलने वाली इनडोर एडवांस लैब, राउंड द क्लॉक ब्लड स्टोरेज सेंटर, सीटी स्कैन और आपातकालीन इमरजेंसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा मरीजों के लिए डायलिसिस की वर्ल्ड क्लास सुविधा भी शुरू की गई है।
अस्पताल ने हिमाचल प्रदेश की पहली हाईटेक रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू कर नया इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर 29 करोड़ रुपये की भारी लागत से यह रोबोटिक यूनिट तैयार हुई है। इसमें 11 अगस्त 2025 से अब तक 245 सफल रोबोटिक ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
करोड़ों की आधुनिक मशीनें आएंगी और स्टाफ की होगी बंपर भर्ती
आने वाले दिनों में अस्पताल में और अत्याधुनिक मशीनें इंस्टॉल की जाएंगी। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन अगले एक महीने में शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही 25 करोड़ की ट्रैक आधारित ऑटोमेटेड लैब और 10 करोड़ की डीएसए एंजियोग्राफी मशीन को मंजूरी मिल चुकी है।
अस्पताल की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 100 स्टाफ नर्स, 10 लैब तकनीशियन, 10 रेडियोग्राफर और 10 ओटी असिस्टेंट के नए पद आउटसोर्स बेस पर मंजूर किए गए हैं। वहीं, मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद लोक सेवा आयोग के माध्यम से तुरंत भरे जाएंगे।
Reported By: Asha Thakur


