Lucknow News: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी के दिग्गज सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी मोनिका यादव ने भाजपा नेता गौरव चौधरी के साथ शादी कर ली है। इस हाई-प्रोफाइल विवाह ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
दोनों नेताओं ने 28 मई को हिमाचल प्रदेश के एक बेहद निजी और गोपनीय समारोह में सात फेरे लिए। इस शादी में केवल दोनों परिवारों के बेहद करीबी सदस्य ही शामिल हुए। दोनों ने अपनी पहली शादियों को कानूनी तौर पर समाप्त करने के बाद जीवन की यह नई शुरुआत की है।
फर्रुखाबाद के रसूखदार राजनीतिक घराने की तीसरी पीढ़ी हैं मोनिका
मोनिका यादव फर्रुखाबाद के एक बेहद प्रतिष्ठित और पुराने राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव छह बार विधायक और पूर्ववर्ती सपा सरकारों में मंत्री रहे हैं। मोनिका के दादा राजेंद्र सिंह यादव भी यूपी सरकार में सात बार विधायक और कद्दावर मंत्री रह चुके हैं।
मोनिका यादव ने साल 2021 के पंचायत चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ दिया था। वे भाजपा में शामिल हुईं और फर्रुखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनी गईं। धर्मेंद्र यादव से तलाक के बाद भी वे लगातार राजनीति के मैदान में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं।
जर्मनी से लौटे मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं गौरव
मोनिका यादव के नए जीवनसाथी गौरव चौधरी वर्तमान में मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वे भाजपा के बेहद सक्रिय युवा नेता माने जाते हैं। गौरव ने जर्मनी से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है। वहां होटल और प्रॉपर्टी का सफल कारोबार करने के बाद वे भारत लौटे थे।
गौरव चौधरी भी पहले वैवाहिक रिश्ते से अलग हो चुके हैं और एक बेटी के पिता हैं। वे गांवों के विकास के लिए एक सामाजिक ट्रस्ट भी चलाते हैं। लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठकों के दौरान मोनिका और गौरव की मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे शादी में बदल गई।
उत्तर प्रदेश की स्थानीय राजनीति पर पड़ेगा इस शादी का असर
मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़ी रहीं मोनिका का भाजपा नेता से जुड़ना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। यूपी की राजनीति में पारिवारिक और वैवाहिक गठजोड़ का इतिहास पुराना है। हालांकि, दल बदलने और पुराने वैवाहिक संबंधों के कारण यह मामला पूरी तरह अलग है।
मोनिका यादव फर्रुखाबाद में महिला सशक्तिकरण के काम देख रही हैं। वहीं, गौरव मेरठ में ग्रामीण विकास पर ध्यान दे रहे हैं। दोनों युवा नेता अब राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन एक साथ संभालेंगे। यह नया गठजोड़ साल 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अहम साबित हो सकता है।
Author: Ajay Mishra


