Himachal Pradesh News: 97 वर्षीय कॉमरेड परसराम ने उम्र को चुनौती देते हुए नशे के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखी है। ग्राम पंचायत झिकला हटवास में उपप्रधान पद का चुनाव लड़कर उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि समाज सेवा के लिए उम्र नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की जरूरत होती है।
हटवास निवासी कॉमरेड परसराम लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े हैं। बढ़ती उम्र के बावजूद उनका जोश कम नहीं हुआ है। चिट्टे और अन्य नशों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्होंने पंचायत स्तर पर बदलाव लाने का संकल्प लिया और उपप्रधान पद के चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की।
चुनाव हारकर भी नहीं हारा उनका जुनून
उपप्रधान पद के लिए हुए मुकाबले में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। इस चुनाव में कॉमरेड परसराम को 43 वोट मिले। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन नशामुक्त समाज का उनका सपना आज भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने परिणाम को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए मतदाताओं का आभार जताया।
परसराम का कहना है कि गांवों में नशा तस्करी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर गांव के प्रमुख मार्गों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
नशा तस्करों पर सख्त कानून की मांग
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अब किसी एक गांव या पंचायत तक सीमित नहीं रही है। इसका नेटवर्क देश के कई हिस्सों में फैल चुका है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से नशा तस्करों के खिलाफ और अधिक कठोर कानून बनाने तथा प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
कॉमरेड परसराम ने चुनाव प्रचार भी पूरे उत्साह के साथ किया। उम्र के इस पड़ाव में भी उन्होंने लाठी का सहारा लेकर पैदल घर-घर संपर्क किया। लोगों से मुलाकात की और अपने विचार साझा किए। उनकी सक्रियता ने क्षेत्र के युवाओं और बुजुर्गों को समान रूप से प्रभावित किया।
अनुशासित दिनचर्या से बने प्रेरणा स्रोत
97 वर्ष की आयु में भी परसराम स्वस्थ जीवनशैली का पालन करते हैं। वह सुबह पांच बजे उठते हैं और नियमित सैर करते हैं। सादा भोजन उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। रोटी और चावल उनका मुख्य भोजन है। आज भी वह बिना चश्मे के अखबार पढ़ लेते हैं।
समाज सेवा के साथ-साथ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। करीब तीन दशक पहले उन्होंने पर्यावरण जागरूकता पर एक वीडियो फिल्म का निर्माण किया था। इस फिल्म को जिला रेडक्रॉस के सहयोग से स्कूलों में दिखाया गया, ताकि बच्चों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
कॉमरेड परसराम इससे पहले जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उस चुनाव में भी उन्हें सफलता नहीं मिली थी। इसके बावजूद उन्होंने सामाजिक कार्यों से दूरी नहीं बनाई। आज भी वह अपने क्षेत्र में जनहित के मुद्दों को उठाने और लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
Author: Sunita Gupta


