Solapur News: देश-दुनिया में धर्म के नाम पर बढ़ती नफरत के बीच महाराष्ट्र के सोलापुर से कौमी एकता की बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। पंढरपुर के मुस्लिम समुदाय ने हिंदू भाई-बहनों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस साल बकरीद पर बकरों की कुर्बानी न देने का एक ऐतिहासिक फैसला किया है।
हिंदू आस्था का सम्मान करते हुए मुस्लिम समाज का बड़ा फैसला
इस साल ईद-उल-अजहा और हिंदुओं की पवित्र अधिक मास एकादशी का त्योहार एक ही दिन पड़ रहा है। एकादशी के दिन पंढरपुर के प्रसिद्ध भगवान विट्ठल मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसी पावन मौके की गरिमा बनाए रखने के लिए स्थानीय मुस्लिमों ने कुर्बानी को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है।
स्थानीय मुस्लिम नागरिकों का कहना है कि वे वर्षों से पंढरपुर में मिलजुल कर रहते हैं। वे भगवान विट्ठल के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। विट्ठल भक्तों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है। पंढरपुर के मुसलमानों ने इससे पहले भी कई बार ऐसी मिसाल पेश की है।
देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद-उल-अजहा
अधिक मास एकादशी हर तीन साल में एक बार आती है। इस खास मौके पर पूरे महाराष्ट्र और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पंढरपुर पहुंचते हैं। दूसरी तरफ, पूरे भारत में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार भी पारंपरिक उत्साह और अकीदत के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया।
देश की राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में सुबह-सुबह हजारों नमाजियों ने पवित्र नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे की खास दुआएं मांगी।
Author: Karuna Sen


