हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: निजी स्कूलों को छोड़कर 11 हजार से ज्यादा छात्रों ने लिया दाखिला

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए एक बड़ी कामयाबी सामने आई है। शिक्षा में सुधार के लिए सरकार द्वारा 158 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध करने के फैसले के सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं। पहली बार इन स्कूलों में छात्रों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। निजी स्कूलों को छोड़कर 11,721 विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों का रुख किया है।

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इन चयनित स्कूलों में अब तक 84,420 छात्रों ने दाखिला लिया है। इनमें निजी स्कूलों से आए छात्रों के अलावा 11,525 वे विद्यार्थी भी शामिल हैं जो पहले से सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे, लेकिन अब सीबीएसई संबद्धता वाले स्कूलों में स्थानांतरित हुए हैं। इस तरह कुल 23,247 नए दाखिले बढ़े हैं, जिसमें मंडी, शिमला, चंबा, सिरमौर और सोलन जिले अग्रणी रहे हैं।

11 साल की गिरावट पर लगा अंकुश

पिछले 11 वर्षों से सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही थी। वर्ष 2014-15 में जहां सरकारी स्कूलों में 9,59,147 छात्र थे, वहीं 2024-25 तक यह संख्या घटकर 6,05,342 रह गई थी। इस दौरान करीब 3.5 लाख से अधिक छात्रों ने सरकारी स्कूलों से दूरी बना ली थी। अब प्री-प्राइमरी और सीबीएसई मॉडल ने इस नकारात्मक ट्रेंड को पलटने का काम किया है।

छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार अब शिक्षकों की कमी को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। कई स्कूलों में छात्रों का दबाव बढ़ने से दो-दो सेक्शन बनाने पड़े हैं, जिसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत है। सरकार पहले ही 6,000 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कैबिनेट बैठक में शिक्षकों के 1500 नए पदों पर निर्णय

राज्य मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में शिक्षकों की तैनाती को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा होगी। शिक्षा विभाग ने इन सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 1,500 अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग सरकार के समक्ष रखी है। 22 मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की पूरी उम्मीद है, जिससे स्कूलों में शिक्षकों का संकट दूर होगा।

सरकार की यह पहल न केवल सरकारी स्कूलों की साख बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि आम लोगों का सरकारी शिक्षा प्रणाली पर भरोसा भी बहाल कर रही है। आने वाले समय में अगर इन सीबीएसई स्कूलों का प्रदर्शन इसी तरह बना रहता है, तो राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों को भी इसी मॉडल पर लाने की कवायद तेज की जा सकती है।

Author: Sunita Gupta

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